ट्रेजरी घोटाले में बड़े रैकेट का दावा
Ranchi News: झारखंड में बोकारो और हजारीबाग ट्रेजरी घोटाले को लेकर सियासत तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की हेमंत सोरेन सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने रांची स्थित प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि ट्रेजरी घोटाला जितना साधारण दिखाया जा रहा है, असल में यह उतना ही जटिल और संगठित है। उन्होंने आरोप लगाया कि बोकारो में गिरफ्तार कौशल पांडे लंबे समय तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के संपर्क में रहा है और उसे पूर्व डीजीपी द्वारा सम्मानित भी किया गया था। ऐसे में यह मानना मुश्किल है कि एक अकेला लेखपाल 25 महीनों में 63 बार अवैध निकासी कर सकता है।
साह ने कहा कि इस पूरे मामले में जिला स्तर पर डीडीओ की जिम्मेदारी एसपी की होती है, जो यह अधिकार डीएपी को सौंपते हैं। इसलिए संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी गंभीर जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपेंद्र सिंह के जन्मतिथि में कथित हेरफेर और उनके नाम पर अनु पांडे के खाते में लंबे समय तक अवैध राशि ट्रांसफर होना किसी बड़े नेटवर्क की ओर संकेत करता है।
भाजपा प्रवक्ता ने पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कैशियर संतोष कुमार की पूर्व गिरफ्तारी का जिक्र करते हुए कहा कि उस मामले में भी पार्टी ने बड़े रैकेट की आशंका जताई थी, जिसे बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और पुलिस जांच में सही पाया गया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा ट्रेजरी घोटाले में भी उच्च स्तर के संरक्षण के बिना इतना बड़ा फर्जीवाड़ा संभव नहीं है।
अजय साह के अनुसार, अब तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक केवल दो जिलों में ही यह घोटाला लगभग 20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि पूरे राज्य में व्यापक जांच कराई गई तो यह घोटाला बिहार के चर्चित चारा घोटाला से भी बड़ा साबित हो सकता है।
भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस विभाग से जुड़े इस मामले की जांच केवल पुलिस द्वारा कराना निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है। इसलिए पार्टी ने न्यायिक जांच या केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की है।
इसके अलावा भाजपा ने हेमंत सरकार पर पूर्व में भी कई विभागों में घोटालों के आरोप लगाए। पार्टी का दावा है कि ऊर्जा विभाग में करीब 100 करोड़, पर्यटन विभाग में 10 करोड़ और पेयजल विभाग में 23 करोड़ रुपये की अवैध निकासी के मामले सामने आ चुके हैं। इन मामलों का खुलासा कैग रिपोर्ट में हुआ, लेकिन सरकार अभी भी कई महत्वपूर्ण फाइलें उपलब्ध नहीं करा रही है।
भाजपा का कहना है कि यदि सभी फाइलें सामने लाई जाएं, तो राज्य में हजारों करोड़ रुपये के और घोटालों का खुलासा हो सकता है।


