Jharkhand Bomb Found : झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड में मंगलवार को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब अवैध बालू उत्खनन के दौरान एक भारी-भरकम लोहे की रहस्यमयी वस्तु बरामद हुई। यह मामला बोरागाड़िया पंचायत के पानीपड़ा-नागुडसाई स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट का है, जहां कुछ लोग अवैध रूप से बालू निकाल रहे थे। खुदाई के दौरान जमीन के भीतर किसी कठोर धातु से टकराने की आवाज आई, जिसके बाद ग्रामीणों ने मिलकर उस स्थान की खुदाई की। खुदाई के बाद जो वस्तु बाहर निकली, उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया।
ग्रामीणों ने जताई द्वितीय विश्व युद्ध के बम की आशंका
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा तेजी से फैल गई कि यह वस्तु द्वितीय विश्व युद्ध के समय का कोई जीवित बम हो सकता है। बुजुर्गों और स्थानीय लोगों का कहना है कि बहरागोड़ा क्षेत्र का इतिहास द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बने हवाई अड्डे से जुड़ा रहा है, ऐसे में इस तरह की वस्तु का मिलना कोई हैरानी की बात नहीं है। खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई, हालांकि सुरक्षा को देखते हुए ग्रामीणों ने वस्तु को वहीं छोड़ दिया और प्रशासन को इसकी सूचना दे दी।
बम निरोधक दस्ते ने की पुष्टि, बताया बेहद खतरनाक
सूचना मिलते ही रांची से पूर्वी सिंहभूम पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने प्रारंभिक जांच के बाद इसे एक शक्तिशाली जिंदा बम बताया है। गुरुवार को जांच के लिए पहुंचे दस्ते के प्रभारी नंदकिशोर सिंह ने कहा कि बम काफी बड़ा और घातक है, जिसे सामान्य तरीके से निष्क्रिय नहीं किया जा सकता। इसके लिए उच्च स्तरीय तकनीकी कौशल की जरूरत है, जो केवल भारतीय सेना के पास ही उपलब्ध है। इस खुलासे के बाद इलाके में दहशत का माहौल और गहरा गया है।
लोगों को इलाके से दूर रहने की चेतावनी
बम की पुष्टि होने के बाद स्थानीय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। मौके पर एक चौकीदार की तैनाती कर दी गई है और आसपास के ग्रामीणों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे उस क्षेत्र के पास न जाएं और किसी भी तरह की छेड़छाड़ न करें। खास बात यह है कि नदी के उस पार पश्चिम बंगाल का इलाका पड़ता है, जहां की पुलिस ने भी सुरक्षा के मद्देनजर चौकसी बढ़ा दी है।
सेना को किया गया सूचित
गौरतलब है कि करीब सात महीने पहले पश्चिम बंगाल के गोपीबल्लवपुर थाना क्षेत्र में भी स्वर्णरेखा नदी से इसी तरह का एक बम बरामद हुआ था, जिसे कलाईकुंडा एयर फोर्स के अधिकारियों की मदद से निष्क्रिय किया गया था। इस बार भी प्रशासन ने भारतीय सेना को सूचित कर दिया है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही सेना की टीम मौके पर पहुंचकर इस खतरनाक बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय करेगी।
