Jharkhand News: झारखंड के रामगढ़ जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कई जिलों में गोलीबारी और रंगदारी की घटनाओं को अंजाम देने वाले राहुल दुबे गैंग के सात कुख्यात शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। Ramgarh में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसपी Mukesh Kumar Lunayat ने इस कार्रवाई की जानकारी दी।
एसपी ने बताया कि पतरातू इलाके में लगातार हो रही फायरिंग और रंगदारी की घटनाओं में राहुल दुबे गैंग के शूटर सक्रिय थे। सोमवार को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गैंग के सदस्य किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना मिलते ही पतरातू एसडीपीओ Raghvendra Sharma के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान सात अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तार अपराधियों में विकास साल, विशाल कुमार, बिट्टू कुमार रवि, हीरालाल कुमार, दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन, एहतेशाम अंसारी उर्फ दुर्लभ और एक नाबालिग शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से एक अवैध लोडेड देशी पिस्तौल, दो मैगजीन, 34 जिंदा गोलियां, तीन मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अपराधियों में विकास साल सबसे कुख्यात है। वह पतरातू के सांकुल बस्ती का निवासी है और राहुल दुबे गैंग के लिए काम करता था। एसपी Mukesh Kumar Lunayat ने बताया कि विकास ने हाल के दिनों में रेलवे फ्लाईओवर गेट, ओसम डेयरी प्लांट और अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के बाहर गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया था। इन घटनाओं के जरिए रंगदारी वसूलने की कोशिश की जा रही थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि विकास साव, दिगंबर प्रजापति उर्फ डेगन और बिट्टू कुमार रवि का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। विकास के खिलाफ एटीएस थाना समेत कई थानों में मामले दर्ज हैं। वहीं दिगंबर प्रजापति वर्ष 2013 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ पतरातू, बासल, रामगढ़ और अन्य इलाकों में कई प्राथमिकी दर्ज हैं।
इस पूरी कार्रवाई में पतरातू एसडीपीओ Raghvendra Sharma, पुलिस निरीक्षक सत्येंद्र कुमार सिंह, थाना प्रभारी शिवलाल कुमार गुप्ता सहित कई पुलिस अधिकारी और तकनीकी शाखा की टीम शामिल रही। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी जारी है और जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।


