Patna News: बिहार विधान परिषद की खाली हो रही 10 सीटों के लिए 18 जून को चुनाव कराया जाएगा। केंद्रीय चुनाव आयोग ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। इनमें Nitish Kumar के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई सीट भी शामिल है, जिस पर उपचुनाव कराया जाएगा। यह सीट विधानसभा कोटे से भरी जाएगी और निर्वाचित सदस्य का कार्यकाल 6 मई 2030 तक रहेगा।
इसके अलावा विधान परिषद के नौ सदस्यों का कार्यकाल 28 जून को समाप्त हो रहा है। इनमें डॉ. कुमुद वर्मा, प्रो. गुलाम गौस, मोहम्मद फारूक, भीष्म सहनी, भगवान सिंह कुशवाहा, संजय प्रकाश, समीर कुमार सिंह, Samrat Choudhary और सुनील कुमार सिंह शामिल हैं। हालांकि सम्राट चौधरी और भगवान सिंह कुशवाहा विधायक बनने के बाद पहले ही अपनी सीट छोड़ चुके हैं।
चुनाव आयोग ने नीतीश कुमार की रिक्त सीट पर उपचुनाव और अन्य नौ सीटों के नियमित चुनाव के लिए अलग-अलग अधिसूचना जारी की है। आयोग के अनुसार बिहार के साथ-साथ Karnataka विधान परिषद की कुछ सीटों के लिए भी चुनाव कराए जाएंगे।
निर्वाचन कार्यक्रम के तहत 1 जून से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। 8 जून तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। 9 जून को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 11 जून नाम वापसी की अंतिम तिथि निर्धारित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। इसके बाद शाम 5 बजे से मतगणना शुरू होगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
राजनीतिक दृष्टि से यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। बिहार विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पास 201 विधायकों का समर्थन है। ऐसे में माना जा रहा है कि 10 में से नौ सीटों पर राजग की जीत लगभग तय है, जबकि एक सीट विपक्ष के खाते में जा सकती है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि राजग सभी 10 सीटों पर उम्मीदवार उतारता है, तो राज्यसभा चुनाव की तरह क्रॉस वोटिंग या राजनीतिक “खेल” की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजनीतिक गलियारों में खासकर Nitish Kumar की खाली हुई सीट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सभी की निगाहें विभिन्न दलों द्वारा उम्मीदवारों की घोषणा पर टिकी हुई हैं।


