सीवान जिले की पुलिस टीम कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर को गुरुग्राम कोर्ट में पेशी के लिए लेकर गई थी।
Unnao Expressway Accident: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मंगलवार तड़के लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हुए भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। दिल्ली से बिहार जा रही एक डबल डेकर प्राइवेट बस औरास थाना क्षेत्र के पास अनियंत्रित होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पलट गई। इस दर्दनाक हादसे में बिहार पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर, एक कैदी समेत छह लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए।
बताया जा रहा है कि हादसा सुबह करीब चार बजे हुआ। प्रारंभिक जांच में बस चालक को झपकी आने की बात सामने आई है। तेज रफ्तार बस अचानक नियंत्रण खो बैठी और एक्सप्रेसवे पर पलट गई। हादसे के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने पुलिस और यूपीडा को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। सभी घायलों को तत्काल औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल 21 लोगों को लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
मृतकों में बिहार के सीवान पुलिस लाइन में तैनात सब इंस्पेक्टर रामचंद्र राम और गुरुग्राम निवासी कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर शामिल हैं। इनके अलावा विजय गुप्ता, रवि वरन, सूरज जमालाल और पल्लव कुमार की भी हादसे में मौत हो गई। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के अनुसार बिहार के सीवान जिले की पुलिस टीम कैदी छत्तरपाल सिंह तोमर को गुरुग्राम कोर्ट में पेशी के लिए लेकर गई थी। पेशी के बाद सभी पुलिसकर्मी उसी बस से वापस बिहार लौट रहे थे। हादसे में सीवान पुलिस लाइन के तीन सिपाही भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जारी है।
औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. अनूप तिवारी ने बताया कि कई यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं सीओ सोनम सिंह ने कहा कि दुर्घटना के बाद तुरंत राहत अभियान चलाया गया और यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी की यात्रा के दौरान चालक की थकान और सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।


