ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato से खाना ऑर्डर करने वाले यूजर्स के लिए बड़ा झटका है। कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को ज्यादा पैसे चुकाने होंगे। यह बदलाव सीधे तौर पर आम लोगों की जेब पर असर डालने वाला है, खासकर उन लोगों के लिए जो रोजाना फूड डिलीवरी का इस्तेमाल करते हैं।
हर ऑर्डर पर बढ़ेगा चार्ज | नई कीमत लागू
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्लेटफॉर्म फीस में 2.40 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां हर ऑर्डर पर 12.50 रुपये (GST से पहले) वसूले जाते थे, अब इसे बढ़ाकर 14.90 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब साफ है कि आप चाहे दिन में एक बार खाना मंगवाएं या कई बार, हर ऑर्डर पर यह बढ़ी हुई फीस लागू होगी।
Swiggy भी पीछे नहीं | लगभग समान चार्ज
Swiggy भी इस मामले में पीछे नहीं है। टैक्स जोड़ने के बाद स्विगी पहले से ही हर ऑर्डर पर करीब 14.99 रुपये की प्लेटफॉर्म फीस ले रहा है। दोनों कंपनियां लगभग एक जैसे प्राइसिंग ट्रेंड को फॉलो कर रही हैं, जिससे यूजर्स के पास सस्ते विकल्प सीमित होते जा रहे हैं।
Rapido की एंट्री | बढ़ी टक्कर
इसी बीच, अर्बन मोबिलिटी स्टार्टअप Rapido ने बेंगलुरु में अपनी फूड डिलीवरी सर्विस ‘ओनली’ लॉन्च की है। कंपनी का दावा है कि वह डिलीवरी फीस के अलावा ग्राहकों या रेस्टोरेंट्स से कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लेगी। इस कदम से मौजूदा खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ सकता है और ग्राहकों को नए विकल्प मिल सकते हैं।
बढ़ती लागत बनी वजह | फ्यूल प्राइस का असर
प्लेटफॉर्म फीस में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। फ्यूल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर डिलीवरी ऑपरेशन पर पड़ता है, जिससे कंपनियों की लागत बढ़ती है। इसका असर रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी पार्टनर्स दोनों पर देखने को मिल सकता है।
यूजर्स पर बढ़ता बोझ | हर ऑर्डर महंगा
भले ही फूड डिलीवरी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेज हो रही हो, लेकिन ग्राहकों के लिए यह बदलाव राहत देने वाला नहीं है। हर ऑर्डर पर बढ़ी हुई फीस का मतलब है कि अब ऑनलाइन खाना मंगवाना पहले से ज्यादा महंगा पड़ेगा। ऐसे में यूजर्स को अपने खर्च पर दोबारा सोचने की जरूरत पड़ सकती है।


