नई दिल्ली : लद्दाख की संवैधानिक सुरक्षा और अन्य अधिकारों की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी आंदोलन अब और तेज होता जा रहा है। प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। स्वास्थ्य में लगातार गिरावट के बीच उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों से भावुक अपील करते हुए 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने का आह्वान किया है।
सोनम वांगचुक ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि उन्हें देशभर से कई लोगों के संदेश मिल रहे हैं, जिनमें समर्थक और शुभचिंतक उनसे अनशन समाप्त करने की अपील कर रहे हैं। कई लोगों ने उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए चिंता भी जताई है। कुछ लोगों की ओर से उन्हें जबरन खाना खिलाने के लिए कानूनी कदम उठाने की बात भी सामने आई है।
वांगचुक ने कहा कि यदि वह इस समय अनशन खत्म कर देते हैं तो इससे यह संदेश जा सकता है कि जनता की मांगों को लेकर सरकार पर कोई दबाव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि लद्दाख के लोगों के अधिकारों और भविष्य से जुड़ा हुआ मुद्दा है।
अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी देते हुए वांगचुक ने बताया कि लंबे उपवास के बावजूद उनकी मेडिकल जांच रिपोर्ट अभी सामान्य है। हालांकि शरीर में कमजोरी बढ़ रही है और मांसपेशियों पर असर पड़ रहा है, लेकिन उन्होंने कहा कि उनका स्वास्थ्य अभी इतना खराब नहीं हुआ है कि वह संघर्ष जारी न रख सकें। उन्होंने भरोसा जताया कि वह इस अनशन को आगे भी जारी रखने की क्षमता रखते हैं।
उन्होंने देश की जनता से अपील की कि वे केवल उनसे अनशन समाप्त करने की बात न करें, बल्कि लद्दाख के मुद्दे को समर्थन देने के लिए स्वयं भी आगे आएं। वांगचुक ने कहा कि लोगों की भागीदारी ही इस आंदोलन को मजबूत बनाएगी और सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाएगी।
20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। इसी दिन दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद मार्च की तैयारी की जा रही है। इस दौरान कई अन्य मुद्दों को लेकर भी प्रदर्शन प्रस्तावित हैं। सोनम वांगचुक ने इस मार्च का समर्थन करते हुए लोगों से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि जब हजारों लोग एकजुट होकर अपनी आवाज संसद तक पहुंचाएंगे, तो यह संदेश जाएगा कि लद्दाख के अधिकारों की मांग केवल कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक जनसमर्थन वाला मुद्दा है।
फिलहाल सोनम वांगचुक का अनशन जारी है और आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर सरकार से संवाद और समाधान की उम्मीद जता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस आंदोलन की दिशा 20 जुलाई के संसद मार्च और सरकार की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगी।


