ममता बनर्जी बनाम शुभेंदु अधिकारी: भवानीपुर सीट पर हाई-वोल्टेज मुकाबला
Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए सोमवार शाम चुनाव प्रचार थम गया। अब सभी की नजरें 29 अप्रैल को होने वाले मतदान पर टिकी हैं, जिसे राज्य की सत्ता के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इस चरण में दक्षिण बंगाल के वे इलाके शामिल हैं, जिन्हें लंबे समय से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।
दूसरे चरण में कुल 142 विधानसभा सीटों पर 1,448 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी 141 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे हैं। वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) भी करीब 100 सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चरण में कोलकाता सहित उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, नदिया और पूर्व बर्दवान जिलों में मतदान होगा। इन आठ जिलों के करीब 3.21 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें पुरुष, महिला और तृतीय लिंग के मतदाता भी शामिल हैं।
इस चरण की सबसे चर्चित सीट भवानीपुर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। 2021 के नंदीग्राम चुनाव के बाद यह मुकाबला खासा दिलचस्प हो गया है। भवानीपुर में करीब 6.79 लाख मतदाता इस हाई-प्रोफाइल सीट का फैसला करेंगे।
इसके अलावा जादवपुर, बैरकपुर, भाटपाड़ा, चंदननगर और उलूबेड़िया उत्तर जैसी सीटों पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। उत्तर और दक्षिण 24 परगना की 64 सीटों को सत्ता की कुंजी माना जा रहा है, जबकि हावड़ा और हुगली की 34 सीटें भी राजनीतिक समीकरण बदलने की क्षमता रखती हैं।
चुनाव प्रचार के दौरान नागरिकता, अवैध घुसपैठ, महिला सुरक्षा, रोजगार और विकास जैसे मुद्दे छाए रहे। सीमावर्ती जिलों में घुसपैठ का मुद्दा विशेष रूप से चर्चा में रहा। भाजपा ने इसे प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाया, जबकि तृणमूल कांग्रेस ने अपनी विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों को आधार बनाकर वोट मांगे।
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। लगभग सभी बूथों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। कुल 2,321 कंपनियां सुरक्षा में लगाई जाएंगी, जिनमें सबसे ज्यादा तैनाती उत्तर 24 परगना में की गई है। वेबकास्टिंग, सीसीटीवी और फ्लैग मार्च के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
पहले चरण में 92 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया था, जिसने दूसरे चरण की अहमियत और बढ़ा दी है। अब 4 मई को मतगणना के बाद यह स्पष्ट होगा कि 294 सदस्यीय विधानसभा में किसे बहुमत मिलता है। यदि तृणमूल कांग्रेस जीतती है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बन सकती हैं।


