Bihar News : भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी की कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में लगातार सवाल उठ रहे हैं। घटना के बाद जहां परिजनों के आवेदन पर शाहपुर थाने में संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है, वहीं सरकार द्वारा गांव के लोगों और परिजनों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का निर्देश भी दिया गया है। इसके बावजूद दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
इसी क्रम में जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर मंगलवार को बिलौटी गांव पहुंचे और मृतक भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उन्होंने परिवार के सदस्यों से घटना की पूरी जानकारी ली और उनकी समस्याओं को सुना।
मुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने प्रशांत किशोर के सामने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या पुलिसकर्मियों द्वारा की गई है और अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।
परिजनों से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार और प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पूरे घटनाक्रम को अंजाम दिया गया और बाद में उसे संभालने की कोशिश की गई, उससे साफ प्रतीत होता है कि बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भरत तिवारी की मौत एक सुनियोजित साजिश का परिणाम है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भरत तिवारी समाज के मुद्दों को उठाने का काम कर रहे थे और उनकी आवाज को दबाने के लिए यह पूरी घटना घटित की गई। प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पुलिसकर्मियों को जल्द से जल्द दंडित करने की मांग की।
भरत तिवारी की मौत को लेकर गांव में अब भी आक्रोश का माहौल है। परिजन और स्थानीय लोग न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।


