Bihar News : बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव 2026 को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करते हुए सभी नौ उम्मीदवारों का नामांकन दाखिल करा दिया है। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने गठबंधन की एकजुटता और मजबूती पर भरोसा जताते हुए कहा कि एनडीए पूरी तरह संगठित है और सभी उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे।
सोमवार को भाजपा, जनता दल (यूनाइटेड) और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। भाजपा की ओर से पवन सिंह, डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित मैदान में हैं। वहीं जदयू ने निशांत कुमार, डॉ. भारती मेहता, शिवानी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। लोजपा (रामविलास) की ओर से अशरफ अंसारी ने नामांकन दाखिल किया।
नामांकन प्रक्रिया के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार के विकास कार्यों और सुशासन की नीतियों के कारण गठबंधन के प्रति जनता और जनप्रतिनिधियों का विश्वास लगातार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विधान परिषद चुनाव में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
सरावगी ने कहा कि एनडीए के पास स्पष्ट बहुमत और पर्याप्त संख्या बल है। गठबंधन के सभी सहयोगी दल पूरी मजबूती के साथ एक-दूसरे के साथ खड़े हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी उम्मीदवार भारी समर्थन के साथ जीत दर्ज करेंगे और विधान परिषद में एनडीए की ताकत पहले से अधिक मजबूत होगी।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों का चयन सामाजिक संतुलन और अनुभव को ध्यान में रखकर किया गया है। विभिन्न सामाजिक वर्गों का प्रतिनिधित्व करने वाले ये उम्मीदवार राज्य के विकास और जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सदन में उठाएंगे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कार्यकुशलता से बिहार विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। राज्य में सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, रोजगार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि आगामी समय में भी एनडीए बिहार के विकास, गरीब कल्याण और सामाजिक समरसता के एजेंडे पर काम करता रहेगा। विधान परिषद चुनाव में गठबंधन उम्मीदवारों की संभावित जीत इस संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगी तथा राज्य के विकास को नई गति मिलेगी। एनडीए नेतृत्व का मानना है कि चुनाव परिणाम गठबंधन के पक्ष में आएंगे और विधान परिषद में उसकी स्थिति और मजबूत होगी।


