Indian Army GeM Purchase : भारतीय सेना ने रक्षा खरीद प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के माध्यम से अपना पहला पूंजीगत खरीद अनुबंध सफलतापूर्वक पूरा किया है। इसे रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। यह कदम न केवल सेना की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाता है, बल्कि खरीद प्रक्रिया को अधिक तेज, सरल और जवाबदेह भी बनाता है।
JCB के साथ 25.90 करोड़ का समझौता
इस महत्वपूर्ण अनुबंध के तहत भारतीय सेना ने Buy (Indian) श्रेणी में 93 टेलीस्कोपिक हैंडलर्स की खरीद के लिए JCB India Ltd के साथ करार किया है। इस सौदे की कुल लागत 25.90 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है। ये आधुनिक उपकरण सेना की लॉजिस्टिक्स और सामग्री प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे, जिससे ऑपरेशनल क्षमता में सुधार होगा।
GeM पोर्टल से बदली खरीद प्रणाली
GeM पोर्टल के जरिए की गई यह खरीद रक्षा अधिग्रहण प्रणाली में एक परिवर्तनकारी बदलाव को दर्शाती है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से न केवल खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि सभी निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का पालन भी सुनिश्चित होगा। इससे भविष्य में रक्षा खरीद को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाया जा सकेगा।
सेना का बयान: क्रांतिकारी पहल
सेना के प्रवक्ता के अनुसार, यह पहल पूंजीगत खरीद के लिए GeM पोर्टल के उपयोग की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे खरीद की समयसीमा में उल्लेखनीय कमी आएगी और प्रक्रियात्मक अखंडता बनी रहेगी। इस तरह की पारदर्शी और तकनीक-आधारित प्रक्रिया सेना की अधिग्रहण प्रणाली को नए स्तर पर ले जाएगी।
लॉजिस्टिक्स क्षमता में होगा बड़ा सुधार
इन टेलीस्कोपिक हैंडलर्स की खरीद से भारतीय सेना की रसद और सामग्री प्रबंधन क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इनका उपयोग कठिन और दुर्गम क्षेत्रों में सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में किया जाएगा, जिससे शारीरिक श्रम कम होगा और कार्यक्षमता बढ़ेगी। यह कदम सेना की ऑपरेशनल तैयारियों को और मजबूत करेगा।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
यह पहल रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में सरकार के प्रयासों को भी मजबूती देती है। भारतीय उद्योग को बढ़ावा मिलने से सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को घरेलू स्तर पर पूरा करना आसान होगा। GeM के जरिए की गई यह खरीद भविष्य में इसी तरह के और सौदों के लिए रास्ता तैयार करती है, जिससे रक्षा क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है।


