Jharkhand News: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने खूंटी की महिला थाना प्रभारी सह मानव तस्करी निरोधक इकाई (एएचटीयू) की प्रभारी पुलिस उपनिरीक्षक सुलेखा कुमारी सपना को 50 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। गुरुवार को की गई इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, एसीबी को खूंटी के हुरलुंग निवासी श्याम कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि महिला थाना में दर्ज एक मामले में राहत दिलाने और जांच में सहयोग करने के बदले थाना प्रभारी ने उससे 4.50 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी। बातचीत के बाद पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने की बात तय हुई थी।
शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान रिश्वत मांगने की शिकायत सही पाई गई। इसके बाद एसीबी की टीम ने पूरी योजना बनाकर ट्रैप बिछाया। गुरुवार को जैसे ही थाना प्रभारी ने पिपराटोली, खूंटी के पास शिकायतकर्ता से 50 हजार रुपये लिए, पहले से तैनात एसीबी अधिकारियों ने उन्हें मौके पर ही रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और थाना प्रभारी को अपने साथ रांची ले गई। मामले में भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7(ए) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि शिकायतकर्ता के खिलाफ महिला थाना में कांड संख्या-06/2025 दर्ज है। इसी मामले में राहत दिलाने और जांच में मदद करने का भरोसा देकर रिश्वत की मांग की गई थी। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने के पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद ही ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
झारखंड में हाल के दिनों में एसीबी द्वारा भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी पद का दुरुपयोग कर रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस गिरफ्तारी को भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।


