Latehar News: जिले में पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने दस लाख रुपये के इनामी माओवादी जोनल कमांडर मृत्युंजय भुईयां उर्फ फ्रेश भुईयां को उसके एक साथी के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार दूसरे माओवादी की पहचान बबलू राम उर्फ रोहित उर्फ बबलू चंद्रवंशी के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को लगातार सूचना मिल रही थी कि माओवादी जोनल कमांडर मृत्युंजय भुईयां अपने दस्ते के साथ इलाके में सक्रिय है और इधर-उधर भ्रमण कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस द्वारा लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था, जिससे माओवादियों की गतिविधियां और उनके दैनिक उपयोग के सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो गई थी।
एसपी ने बताया कि 12 मार्च को विशेष सूचना मिली कि मृत्युंजय भुईयां छिपादोहर थाना क्षेत्र के हरिणामाड़ गांव में राशन और अन्य जरूरी सामान लेने आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर छिपादोहर और गारु थाना पुलिस के साथ सशस्त्र बलों की संयुक्त टीम बनाकर इलाके में छापामारी अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान हरिणामाड़ गांव के आसपास सघन तलाशी ली गई, जिसमें पुलिस ने मृत्युंजय भुईयां और उसके सहयोगी बबलू राम को दबोच लिया।
पुलिस के अनुसार मृत्युंजय भुईयां पर लातेहार, पलामू, गढ़वा और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में कुल 104 मामले दर्ज हैं। वहीं बबलू राम पर लातेहार, पलामू और गढ़वा जिले में करीब 15 मामले दर्ज बताए जाते हैं। मृत्युंजय भुईयां लातेहार जिले के छिपादोहर थाना क्षेत्र स्थित नावाडीह गांव का निवासी है, जबकि बबलू राम बिहार के अरवल जिले का रहने वाला है।
छापामारी के दौरान पुलिस ने माओवादियों के पास से एक स्वचालित AK-47 राइफल, उसका मैगजीन और छह जिंदा कारतूस, इंसास राइफल की 15 गोलियां, एक वायरलेस सेट, डेढ़ लाख रुपये नकद, एक टैबलेट, चार सिम कार्ड और नक्सली पर्चे सहित कई अन्य सामान बरामद किए हैं।
इस अभियान में छिपादोहर थाना प्रभारी मो. यकीन अंसारी, गारु थाना प्रभारी जयप्रकाश शर्मा, बारेसाढ़ थाना प्रभारी शशि कुमार, महुआडांड़ थाना प्रभारी मनोज कुमार, मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, नेतरहाट थाना प्रभारी अभिषेक कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
