West Asia Tension : भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कूटनीतिक पहल तेज कर दी है। हाल ही में उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने ईद और नवरोज की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि त्योहारों का यह समय क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएगा। उन्होंने बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए बड़ा खतरा बताया।
शिपिंग मार्गों को सुरक्षित रखने पर जोर
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े अहम मुद्दों को उठाया। उन्होंने नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने और शिपिंग मार्गों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वहां की सरकार के सहयोग की सराहना की। इस बीच पीएम मोदी ने नवरोज के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के लिए खुशहाल और समृद्ध वर्ष की कामना की।
शाह हमद से फोन पर चर्चा
इसी क्रम में प्रधानमंत्री ने बहरीन के शासक शाह हमद बिन ईसा अल खलीफा से भी फोन पर बात की। दोनों नेताओं के बीच पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने ऊर्जा और असैन्य बुनियादी ढांचे पर हमलों की निंदा की और कहा कि इसका असर वैश्विक खाद्य, ईंधन और उर्वरक सुरक्षा पर पड़ रहा है। उन्होंने बहरीन में भारतीय समुदाय के समर्थन के लिए आभार जताते हुए ईद-उल-फितर की शुभकामनाएं दीं।
कई देशों के नेताओं से लगातार बातचीत
दरअसल, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। ऐसे में पीएम मोदी लगातार वैश्विक नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। वे सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, फ्रांस, मलेशिया, इजराइल और ईरान समेत कई देशों के नेताओं से संपर्क कर चुके हैं, जिससे भारत की सक्रिय कूटनीति और शांति प्रयास साफ नजर आ रहे हैं।


