Patna News:- राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से निष्कासित नेता और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने मंगलवार को पार्टी विधायक भाई वीरेंद्र के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अनुसूचित जाति और जनजाति समाज (एससी-एसटी) को लेकर कथित धमकी और आपत्तिजनक बयान देने वाले विधायक पर सवाल उठाते हुए पार्टी नेतृत्व पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “क्या राजद अपने विधायक भाई वीरेंद्र पर भी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के विचारों के खिलाफ जाकर एससी-एसटी समाज को जान से मारने की धमकी दी?”
तेज प्रताप ने पार्टी से अपने निष्कासन को भी इस विवाद से जोड़ा और कहा, “मुझे तो जयचंदों की साज़िश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया। अब देखना है कि बवाल करने वालों पर भी पार्टी उतनी ही सख्ती दिखाएगी या नहीं?”
उन्होंने कहा कि संविधान का सम्मान सिर्फ भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार और निर्णयों में दिखना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजद पार्टी के अंदर जातीय संतुलन, अनुशासन और नीतिगत प्रतिबद्धताओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
तेज प्रताप के इस बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि वे सिर्फ अपने निष्कासन से आहत नहीं हैं, बल्कि पार्टी में व्याप्त कथित पक्षपात और चयनात्मक कार्रवाई के खिलाफ मुखर भी हैं।
इस बीच, पार्टी नेतृत्व की प्रतिक्रिया का इंतजार है कि वह भाई वीरेंद्र की टिप्पणी पर क्या रुख अपनाता है।


