Jamshedpur News: मानगो गुरुद्वारा रोड स्थित चर्चित राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा हत्याकांड की जांच के दौरान गुरुवार देर रात पुलिस और मुख्य आरोपित साहेब सिंह उर्फ शब्बे के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार हथियार बरामदगी के दौरान आरोपित ने भागने का प्रयास करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल आरोपित को तत्काल इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत चिकित्सकीय निगरानी में बताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, राहुल बच्चा की हत्या के बाद मुख्य आरोपित साहेब सिंह उर्फ शब्बे अपने तीन साथियों के साथ बुधवार देर रात पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने पहुंचा था। पूछताछ के दौरान उसने हत्या में प्रयुक्त हथियारों को मानगो रोड नंबर-14 स्थित फॉरेस्ट क्षेत्र में छिपाने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे हथियार बरामद कराने के लिए मौके पर लेकर गई।
पुलिस का दावा है कि घटनास्थल पर पहुंचने के बाद शब्बे ने अचानक भागने का प्रयास किया और पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सब-इंस्पेक्टर संजय द्वारा चलाई गई गोली आरोपित के पैर में लगी। घायल होने के बाद उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया और इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया गया।
मौके से पुलिस ने एक लोडेड पिस्टल, एक अन्य पिस्टल तथा चार खोखा बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इनका इस्तेमाल राहुल बच्चा हत्याकांड या किसी अन्य आपराधिक घटना में हुआ था या नहीं। पुलिस ने मुठभेड़ और बरामदगी की पूरी प्रक्रिया का दस्तावेजीकरण भी किया है।
पूछताछ के दौरान आरोपित ने हत्या के पीछे अपनी कहानी भी पुलिस के सामने रखी। उसका दावा है कि राहुल बच्चा लगातार उसकी और उसके भाइयों की रेकी कर रहा था। उसने यह भी कहा कि कुछ महीने पहले बंगाल क्लब और डिमना चौक के पास उस पर हमले हुए थे। आरोपित के अनुसार, लगातार मिल रही धमकियों के कारण उसने यह कदम उठाया। उसने यह भी दावा किया कि राहुल बच्चा की हत्या गोली से नहीं, बल्कि ईंट-पत्थर से हमला कर की गई। हालांकि पुलिस इन दावों का वैज्ञानिक साक्ष्यों और फॉरेंसिक जांच के आधार पर सत्यापन कर रही है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग और करीब छह महीने पुरानी रंजिश की बात सामने आई है। जांच में पता चला है कि राहुल बच्चा और साहेब सिंह उर्फ शब्बे के बीच मानगो पोस्ट ऑफिस रोड की एक युवती को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस का मानना है कि पुरानी दुश्मनी और इसी विवाद ने इस हत्याकांड को जन्म दिया। फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों तथा पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरबजीत सिंह उर्फ साहेब सिंह उर्फ सब्बे, सौरभ दत्ता उर्फ बंगाली, अफताब अली उर्फ बाबा और अमरजीत प्रसाद उर्फ पांडेय को गिरफ्तार
गुरुवार को आयोजित प्रेसवार्ता में वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) एहतेशाम वकारिव ने बताया कि 08 जुलाई की शाम को राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा पर गुरुद्वारा रोड स्थित मजार के पास ईंट, पत्थर और लकड़ी के लट्ठों से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद मृतक के भाई राजा कुमार की शिकायत पर मानगो थाना में दर्ज मामले के तहत हत्या और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया। इसके बाद एसएसपी और पुलिस अधीक्षक (नगर) के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय-1) ऋषभ त्रिवेदी के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने सरबजीत सिंह उर्फ साहेब सिंह उर्फ सब्बे, सौरभ दत्ता उर्फ बंगाली, अफताब अली उर्फ बाबा और अमरजीत प्रसाद उर्फ पांडेय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सभी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। मुख्य आरोपित साहेब सिंह की निशानदेही पर पुलिस हथियार बरामद करने मानगो फॉरेस्ट लाइन इलाके में पहुंची, जहां उसने झाड़ियों में छिपाकर रखी लोडेड देशी पिस्टल निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी और उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेज दिया गया।
पुलिस ने घटनास्थल से खून के नमूने, खून से सना शर्ट, ईंट-पत्थर, अर्धजली लकड़ी, खून लगे रुपये, एक जोड़ी चप्पल और घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक बरामद की है। एसएसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों में साहेब सिंह, अफताब अली और अमरजीत प्रसाद के खिलाफ हत्या, लूट, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस और चोरी सहित कई आपराधिक मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं मृतक राहुल सिंह उर्फ राहुल बच्चा पर भी हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई गंभीर मामले दर्ज थे। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई के साथ अन्य संभावित आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।


