Jharkhand News: झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा का बुधवार सुबह पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना क्षेत्र स्थित उसके पैतृक गांव मरहा पथरा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अंतिम संस्कार किया गया। हाल ही में जामताड़ा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सुजीत सिन्हा को उनके 12 वर्षीय पुत्र अक्षत कुमार ने धार्मिक रीति-रिवाज के साथ मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
अंतिम संस्कार का सबसे भावुक क्षण तब देखने को मिला जब चाईबासा जेल में बंद सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा को एक दिन के पैरोल पर अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति मिली। कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच जब रिया गांव पहुंचीं तो वह सीधे अपने पति के पार्थिव शरीर के पास गईं। शव देखते ही वह खुद को संभाल नहीं सकीं और उससे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह बार-बार कह रही थीं, “जान, तुम कहां चले गए, किसने ऐसा किया।”
इस दौरान उनका 12 वर्षीय बेटा अक्षत कुमार भी अपने पिता के शव से लिपटकर बिलख पड़ा। मां-बेटे का यह भावुक दृश्य देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके बाद धार्मिक विधि-विधान के अनुसार कररबार नदी तट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई, जहां अक्षत कुमार ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
सुबह से ही मरहा पथरा गांव में लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। अंतिम दर्शन के लिए गांव और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा और अंतिम यात्रा में भी भारी भीड़ उमड़ी।
भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। हुसैनाबाद से लेकर मरहा पथरा गांव तक बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अंतिम संस्कार के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अधिकारियों ने लगातार स्थिति पर नजर रखी।
गौरतलब है कि मंगलवार को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुजीत सिन्हा का शव उनके छोटे भाई अरुण के साथ गांव लाया गया था। हालांकि अंतिम संस्कार पत्नी रिया सिन्हा की पैरोल स्वीकृत होने का इंतजार करते हुए रोक दिया गया था। पलामू सिविल कोर्ट में आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद रिया सिन्हा को एक दिन का पैरोल मिला। इसके बाद उन्हें चाईबासा जेल से पुलिस सुरक्षा में हुसैनाबाद लाया गया, जहां उन्होंने अपने पति को अंतिम विदाई दी।


