Palamu News: झारखंड के पलामू जिले में गुरुवार सुबह हथियार बरामदगी के दौरान पुलिस और एक आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ से इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने एक जवान की कमर से सरकारी पिस्टल छीन ली और पुलिस टीम पर फायरिंग करते हुए भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली आरोपी के पैर में लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया।
घटना मेदिनीनगर शहर और सदर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बजराहा इलाके की है। घायल आरोपी की पहचान मेदिनीनगर शहर थाना क्षेत्र के भट्टी मोहल्ला निवासी सुमित चंद्रवंशी के रूप में हुई है। गोली उसके दाहिने पैर में लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां पुलिस की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, 29 जुलाई की रात मेदिनीनगर के शिवाला घाट स्थित कोयल रिवर फ्रंट पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना में तीन युवक घायल हुए थे। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने सुमित चंद्रवंशी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम आरोपी को लेकर बजराहा इलाके में हथियार बरामद करने पहुंची थी।
पुलिस का दावा है कि तलाशी अभियान के दौरान सुमित ने अचानक एक पुलिसकर्मी की कमर से पिस्टल निकाल ली और भागने का प्रयास किया। इस दौरान उसने पुलिस पर दो राउंड फायरिंग की। पुलिसकर्मियों ने सतर्कता दिखाते हुए जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लगी। घायल होने के बाद उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया। घटनास्थल से पुलिस ने दो खोखा भी बरामद किए हैं।
पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी की हरकत के बाद पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
इधर, घटना की सूचना मिलते ही आरोपी के परिजन एमएमसीएच पहुंचे। उन्होंने कैदी वार्ड में सुमित से मिलने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी। इससे नाराज परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि सुमित को घर से उठाकर फर्जी तरीके से गोली मारी गई है। परिजनों ने यह भी दावा किया कि उसका किसी अपराधी गिरोह से कोई संबंध नहीं है और न ही 29 जुलाई के गोलीकांड में उसकी कोई भूमिका है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।


