Hazaribag News:- एंबुलेंस, जिसे मरीजों की जान बचाने और समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, अब नशा तस्करी का जरिया बन गई है। चौपारण पुलिस ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई में एंबुलेंस से 43.650 किलो डोडा चूरा बरामद कर नशे के कारोबार का पर्दाफाश किया है। बरामद खेप की कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।
गुप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना क्षेत्र के चोरदाहा चेकनाका पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान बिहार की ओर से आ रही एक मारुति वैन एंबुलेंस (संख्या बीआर-02 पीबी-6505) को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखते ही चालक एंबुलेंस छोड़कर पास के जंगल की ओर भाग निकला। पुलिस ने पीछा किया, लेकिन वह घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया।
एंबुलेंस की तलाशी के दौरान पुलिस टीम को भारी मात्रा में नशा बरामद हुआ। अगले हिस्से और पिछले केबिन में थैलों में छिपाकर रखा गया कुल 43.650 किलो डोडा चूरा जब्त किया गया। कार्रवाई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (डीएसपी) अजीत कुमार बिमल के नेतृत्व में की गई। इसमें इंस्पेक्टर चंद्रशेखर प्रसाद, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, बिंदेश्वरी महतो, बादल महतो और भाजु एक्का समेत पुलिस बल शामिल थे।
बरामदगी के बाद चौपारण थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी अजीत कुमार बिमल ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है। नशा माफिया अब एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवा का भी दुरुपयोग करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि एंबुलेंस का नाम सुनते ही लोग और पुलिस मानवीय दृष्टिकोण से सहूलियत देते हैं, लेकिन तस्कर इसका गलत फायदा उठा रहे हैं।
डीएसपी ने साफ कहा कि नशे का कारोबार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फरार चालक की तलाश की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। अधिकारियों ने माना कि एंबुलेंस का इस्तेमाल कर खेप पहुंचाना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि समाज के लिए भी खतरनाक संकेत है।


