टीपीसी के नाम पर लेवी में दो करोड़ रुपये ,जिंदा कारतूस, बोलेरो व लेटरपैड बरामद
Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। चरही थाना क्षेत्र में छह वाहनों को आग के हवाले करने के मामले में सात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय प्रस्तुती कमेटी (टीपीसी) के नाम पर लेवी वसूलने के लिए घटनाओं को अंजाम दे रहे थे।
पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि गिरफ्तार अपराधियों में इमदाद रजा, सचिन कुमार रविदास, अफसर वारिस, छोटन कुमार रविदास, साहिल रजा, गणेश यादव और सुनिल कुमार दास शामिल हैं। इनके पास से छह जिंदा कारतूस, तीन चाकू, टीपीसी से जुड़े कई दस्तावेज, एक बोलेरो नियो, टीपीसी के 22 लेटरपैड और छह मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
24 अगस्त को अपराधियों ने चरही थाना क्षेत्र के नार्थ तापिन स्थित सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की आउटसोर्सिंग कंपनी आरकेएस सीपीएल के तीन हाईबा और तीन पोकलेन पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। इस मामले में सीसीएल के सुरक्षा प्रभारी निलेश कुमार ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और विष्णुगढ़ थाना पुलिस के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि नार्थ तापिन के जंगल में कुछ अपराधियों का जमावड़ा हुआ है, जो किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस आधार पर की गई छापेमारी में सातों अपराधी पकड़े गए।
पुलिस पूछताछ में सभी ने वाहनों में आग लगाने की बात स्वीकार कर ली है। जांच में यह भी सामने आया कि ये अपराधी 10 फरवरी को चरही थाना क्षेत्र के चलिया टॉड जंगल में तीन ट्रैक्टर जलाने की घटना में भी शामिल थे। बताया गया कि टीपीसी सरगना गुरुदेव ने सुनिल कुमार दास को घटना को अंजाम देने के एवज में धन का लालच दिया था। दो करोड़ रुपये की लेवी वसूलने की साजिश के तहत ही इस घटना को अंजाम दिया गया था।


