Patna News:- बिहार में लगातार हो रही बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी ने उत्तर बिहार के अधिकांश जिलों को बाढ़ के खतरे में डाल दिया है। खासकर गंगा, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, कमला बलान, पुनपुन और महानंदा जैसी प्रमुख नदियां उफान पर हैं। जल संसाधन विभाग ने सभी संबंधित जिलों को अलर्ट पर रखा है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेमी ऊपर पहुंच गया है। भागलपुर, कहलगांव और हाथीदह जैसे क्षेत्रों में भी गंगा खतरे के निशान को पार कर रही है। बक्सर में भी अगले 24 घंटों में खतरे के स्तर के पार जाने की आशंका जताई जा रही है।
‘बिहार की शोक’ कही जाने वाली कोसी नदी खगड़िया में उफान पर है। सहरसा, सुपौल और कुरसेला में जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। पुनपुन नदी पटना में पहले ही खतरे के निशान को पार कर चुकी है।
जमुई के झाझा प्रखंड में भारी बारिश से बरमसिया पुल का एक हिस्सा धंस गया, जिससे दर्जनों गांवों का संपर्क टूट गया है। इसी इलाके के पचकठिया गांव में एक कच्चा घर ढहने से 49 वर्षीय मोहन खैरा की मलबे में दबकर मौत हो गई।
उधर, हवेली खड़गपुर-तारापुर मार्ग पर बना अस्थायी डायवर्जन डंगरी नदी में बह गया, जिससे टेटियाबंबर का संपर्क टूट गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दी गई हैं। तटीय गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
लोग सरकार से राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज गति से संचालित करने की मांग कर रहे हैं ताकि जानमाल की हानि रोकी जा सके।


