Bhagalpur News: जिले के नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड में बुधवार को गंगा नदी में बड़ा नाव हादसा हो गया। राघोपुर तटबंध के समीप तेज धारा के बीच मजदूरों से भरी नाव अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। नाव पर कुल 18 मजदूर सवार थे। हादसे के बाद 12 मजदूरों ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचा ली, जबकि छह मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। लापता मजदूरों की तलाश के लिए नदी में युद्धस्तर पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया है। तेज बहाव के कारण बचाव दल को अभियान के दौरान काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय समेत प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, राघोपुर गांव के समीप दो दिन पहले गंगा नदी का तटबंध टूट गया था। तटबंध टूटने के बाद आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया। कई घर और इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए। बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल के आवास के आसपास भी बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए तटबंध की मरम्मत और कटाव निरोधी कार्य तेजी से कराया जा रहा था। इसी काम में लगे मजदूर बुधवार को नाव के जरिए नदी में रेत की बोरियां लेकर जा रहे थे। बताया गया कि नाव जब गंगा की मुख्य धारा के बीच पहुंची, तभी तेज बहाव के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते नाव पलट गई और सभी मजदूर नदी में गिर पड़े।
हादसे के बाद किनारे मौजूद ग्रामीणों ने शोर मचाया और बचाव में जुट गए। ग्रामीणों की मदद से 12 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि छह मजदूर तेज धारा में बह गए और उनका अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
घटना की खबर मिलते ही लापता मजदूरों के परिजन भी घटनास्थल पर पहुंच गए। नदी किनारे परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
राघोपुर के सरपंच प्रमोद मंडल ने नाव पर अधिक वजन होने और सुरक्षा इंतजामों की कमी की आशंका जताई है। हालांकि हादसे की वास्तविक वजह क्या थी, इसकी पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल एसडीआरएफ और प्रशासन की टीम लापता छह मजदूरों की तलाश में जुटी है।


