Patna News:- बिहार की राजधानी पटना से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां ‘डॉग बाबू‘ नाम से एक निवास प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। यह मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया और पटना जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया है।
मसौढ़ी अनुमंडल क्षेत्र के आरटीपीएस काउंटर पर एक कुत्ते के नाम से जारी आवासीय प्रमाण पत्र वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए आवेदक, कंप्यूटर ऑपरेटर और संबंधित अधिकारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी देते हुए कहा कि संबंधित निवास प्रमाण पत्र को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है और अनुमंडल अधिकारी को 24 घंटे में जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है।
मामले में खुलासा हुआ है कि इस फर्जी प्रमाण पत्र पर राजस्व पदाधिकारी के असली हस्ताक्षर भी हैं। जब प्रमाण पत्र के नंबर को ट्रैक किया गया, तो पाया गया कि यह असल में दिल्ली की एक महिला के दस्तावेजों से जुड़ा हुआ था, जिसमें आधार और पति से संबंधित दस्तावेज अपलोड थे।
विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला है। पप्पू यादव ने व्यंग्य करते हुए लिखा, “कुत्ता दिखा रहा निवास प्रमाण पत्र, इंसान नहीं ला पाए दस्तावेज।” वहीं योगेंद्र यादव ने कहा कि जिस दस्तावेज की मांग चुनाव आयोग वोटर लिस्ट अपडेट के लिए कर रहा है, वह अब कुत्तों के नाम पर भी जारी हो रहा है।
यह मामला बिहार में आरटीपीएस काउंटर की डिजिटल लापरवाही और भ्रष्टाचार पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। जिला प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


