Patna News: जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने शनिवार को पटना में प्रेस वार्ता कर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के चार बड़े नेताओं पर गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों के नेताओं का असली चेहरा जनता के सामने आना चाहिए।
सबसे पहले उन्होंने बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को निशाने पर लिया। पीके ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी उर्मिला पांडेय के पंजाब नेशनल बैंक अकाउंट (नं. 1499000141819) में वर्ष 2019 और 2020 में दो करोड़ 12 लाख रुपये जमा हुए, जबकि इसकी वैध जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। पीके ने सवाल उठाया कि जब मंत्री ने पिता से केवल 25 लाख का कर्ज लेने की बात कही थी, तो पत्नी के खाते में इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे घोषित क्यों नहीं किया गया?
इसके बाद प्रशांत किशोर ने राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सम्राट चौधरी ने अलग-अलग नाम और पहचान का इस्तेमाल किया और उनकी शैक्षिक योग्यता भी संदिग्ध है। पीके ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट तक में उनकी उम्र और शैक्षिक डिग्री को लेकर सवाल उठे। इतना ही नहीं, उन पर 1998 में कांग्रेस नेता सदानंद सिंह की हत्या में शामिल होने का आरोप भी रहा। पीके ने तंज कसा कि “बिना मैट्रिक पास किए यह डी.लिट. कैसे हो गए?”
इसके बाद उन्होंने शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी बेटी शांभवी चौधरी और निजी सचिव योगेंद्र दत्त के नाम पर करोड़ों की जमीन खरीदी। पीके ने खुलासा किया कि शांभवी चौधरी की सगाई के बाद मानव वैभव विकास ट्रस्ट के माध्यम से 200 करोड़ रुपये से अधिक की जमीनों की खरीद हुई। उन्होंने पूछा कि आखिर इस ट्रस्ट से अशोक चौधरी और उनके परिवार का क्या संबंध है, जब ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अकाउंट से उनकी पत्नी के अकाउंट में रुपये ट्रांसफर हुए।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल पर भी पीके ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बेतिया स्थित उनके परिवार के पेट्रोल पम्प के जरिए नगर निगम से करोड़ों रुपये का फर्जी भुगतान लिया गया। पीके ने दावा किया कि नगर निगम की सफाई गाड़ियों के बिल में गड़बड़ी कर लगभग पांच करोड़ रुपये का घोटाला किया गया। इतना ही नहीं, फ्लाइओवर का निर्माण भी वर्षों तक रोका गया ताकि पेट्रोल पम्प की बिक्री प्रभावित न हो।पीके ने साफ कहा कि भाजपा और एनडीए भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलते हैं, लेकिन उनके अपने नेताओं के खिलाफ ही सबसे ज्यादा सबूत मौजूद हैं। जनता को असली चेहरा जानना चाहिए। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, उपाध्यक्ष वाईवी गिरी, वरिष्ठ नेता रामबली चंद्रवंशी, एमएलसी अफाक अहमद और अन्य नेता मौजूद रहे।


