जेल ब्रेक सहित 200 लोगों से अधिक की हत्या के मामले में रहे हैं अभियोगी
Nawada: जिले के वारसलीगंज थाने के सहसराना गांव निवासी कुख्यात अशोक महतो ने बुधवार की सुबह शादी रचा ली है। महतो जेल ब्रेक कांड सहित 200 से अधिक लोगों की हत्या के अभियोग में आजीवन कारावास की सजा काट हाल ही में बाहर आए है।
अशोक महतो अपनी पत्नी को राजद से मुंगेर लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं । अशोक महतो का कहना है कि जब वे राजद से टिकट के लिए लालू प्रसाद के पास गए तो उन्होंने कहा कि शादी कर लो फिर अपनी पत्नी को चुनाव लड़ा दो । एक सप्ताह के भीतर अशोक महतो ने लड़की खोजने का प्रयास किया आखिरकार उन्हें दिल्ली की अनिता कुमारी नाम की लड़की मिल गई जिससे वे बुधवार को पटना जिले के बख्तियारपुर की करौता मंदिर में शादी रचा ली।
अशोक महतो गिरोह बिहार में सक्रिय एक अपराधी संगठन था
अशोक महतो गिरोह बिहार में सक्रिय एक अपराधी संगठन था। जिसका नेतृत्व अशोक महतो के द्वारा किया जाता था। इसमें सहायक के रूप में उनके मित्र पिंटू महतो भी शामिल थें। 2005 में सांसद, लोक सभा के सदस्य राजो सिंह की हत्या के लिए अशोक महतो गिरोह ही जिम्मेदार माना जाता है।
इस हत्याकांड के उपरांत इस गिरोह के प्रमुख सदस्य अशोक महतो को गिरफ्तार कर लिया गया था। परन्तु 2002 में वे नवादा जेल से तीन सिपाहियों की हत्या कर भागने में कामयाब रहे। उनके सहयोगी पिंटू महतो ने जेल से उन्हें भगाने में विशेष भूमिका निभाई थी। इस दौरान उन्होंने तीन पुलिस की हत्या भी कर दी।
इस गिरोह के सक्रिय सदस्यों के बारे में कहा जाता है कि वे या तो कुर्मी या फिर यादव जाति के थें और उन्हें नवादा और शेखपुरा के क्षेत्रों में पिछड़ी जातियों का समर्थन प्राप्त था। अशोक महतो गिरोह का मुख्य आक्रोश शोषक और उच्च जाति भूमिहारों के खिलाफ था और उन्हीं के खिलाफ इसने प्रतिशोध की लड़ाई भी छेड़ी थी। अशोक महतो गिरोह 1990 के दशक के अंत में बड़ी संख्या में अगड़ी जाति के लोगों की हत्याओं के लिए भी जिम्मेदार घोषित किया गया था।

