Patna News: बिहार में युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए राज्य सरकार विशेष अभियान चलाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को ‘नशा मुक्त बिहार अभियान-2026’ की शुरुआत करते हुए कहा कि यदि नई पीढ़ी को नशे की गिरफ्त में जाने से नहीं रोका गया, तो बिहार का भविष्य बर्बाद हो सकता है। उन्होंने सूखे नशे के बढ़ते प्रचलन पर चिंता जताते हुए इसे रोकने के लिए सरकार के साथ समाज के सभी वर्गों से आगे आने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्यभर में अगले एक महीने तक विशेष नशामुक्ति अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों, जीविका दीदियों, सामाजिक संगठनों और अन्य संस्थाओं को जोड़कर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य अभियान को केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित रखने के बजाय जनआंदोलन का रूप देना है।

चरस, हेरोइन और अफीम की जब्ती में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने मादक पदार्थों की जब्ती से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख करते हुए बताया कि बिहार में नशीले पदार्थों की बरामदगी में बढ़ोतरी हुई है। उनके अनुसार, वर्ष 2024 में 282 किलोग्राम चरस जब्त की गई थी, जबकि वर्ष 2025 में यह मात्रा बढ़कर 400 किलोग्राम हो गई।
इसी तरह हेरोइन की जब्ती 42 किलोग्राम से बढ़कर 62.65 किलोग्राम और अफीम की बरामदगी 10 किलोग्राम से बढ़कर 77 किलोग्राम तक पहुंच गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए नशे के कारोबार पर रोक लगाने और युवाओं को इससे दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
आठ जिलों पर विशेष ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के आठ जिलों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है। पटना, समस्तीपुर, वैशाली और आरा का उल्लेख करते हुए उन्होंने इन क्षेत्रों में सूखे नशे की समस्या से निपटने के लिए विशेष प्रयास करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई के साथ जनजागरूकता भी बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों और जीविका दीदियों के माध्यम से गांव-गांव तक अभियान पहुंचाने की योजना है। ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों को भी इस मुहिम से जोड़ा जाएगा।
नशामुक्त बिहार बनाने का संकल्प
सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नशामुक्त भारत के संकल्प का उल्लेख किया। उन्होंने वर्ष 2016 में लागू शराबबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि अब स्मैक, चरस, हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों के बढ़ते प्रचलन पर अंकुश लगाना बड़ी चुनौती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और विकसित बिहार के निर्माण के लिए युवाओं को नशे से बचाना जरूरी है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं, ताकि नशामुक्त बिहार का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
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