Bihar News: पूर्वी चंपारण जिले में हुए जहरीली शराब कांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में मौत का सौदागर कहे जा रहे स्प्रिट सप्लायर लवकुश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, इस कांड में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। कुछ पीड़ितों की आंखों की रोशनी तक चली गई है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।
जांच के दौरान खुलासा हुआ कि इस पूरे अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड कन्हैया यादव है, जिसने पुलिस के सामने स्वीकार किया है कि उसने जहरीली स्प्रिट लवकुश यादव से खरीदी थी। बताया जा रहा है कि लवकुश यादव ने यह स्प्रिट उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से मंगाई थी। यह खेप गोरखपुर के रास्ते गोपालगंज होते हुए बिहार के तुरकौलिया पहुंची, जहां से इसे आगे सप्लाई किया गया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कन्हैया यादव ने इस जहरीली स्प्रिट को छोटे-छोटे खुदरा विक्रेताओं के बीच बांट दिया, जिसके बाद यह जहरीली शराब अलग-अलग इलाकों में पहुंच गई। आशंका जताई जा रही है कि डुमरियाघाट, संग्रामपुर, केसरिया, कोटवा और पिपराकोठी जैसे क्षेत्रों में भी इस जहरीली शराब की बिक्री हुई है। इन इलाकों में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि विशेष जांच टीम (SIT) की चार टीमें उत्तर प्रदेश और दिल्ली में छापेमारी कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे शराब सिंडिकेट का पर्दाफाश कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फिलहाल, पुलिस कन्हैया यादव और लवकुश यादव से पूछताछ कर रही है, जिससे और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। प्रशासन इस घटना को लेकर पूरी तरह सतर्क है और अवैध शराब कारोबार पर नकेल कसने के लिए सख्त कदम उठा रहा है।
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अवैध शराब का कारोबार कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है। सरकार और प्रशासन के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


