Jharkhand News: गिरिडीह जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की टीम ने शनिवार को धनवार प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा कनीय अभियंता (JE) अंकुश कुमार को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई मनरेगा और 15वें वित्त आयोग से जुड़ी योजनाओं में कथित अनियमितताओं की शिकायत के आधार पर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनवार निवासी महेश साहू ने ACB धनबाद को लिखित शिकायत दी थी कि कनीय अभियंता अंकुश कुमार डोभा निर्माण योजना के बकाया भुगतान के बदले पांच हजार रुपये की घूस मांग रहे हैं। शिकायत में यह भी बताया गया कि योजना से संबंधित कुछ राशि का भुगतान पहले ही हो चुका था, जबकि शेष भुगतान के लिए लगातार पैसे की मांग की जा रही थी।
शिकायत की सत्यता जांचने के बाद ACB की टीम ने जाल बिछाया और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही महेश साहू ने आरोपी JE को घूस की राशि सौंपी, मौके पर मौजूद ACB अधिकारियों ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के साथ ही टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान ACB टीम को स्थानीय ग्रामीणों के विरोध का सामना भी करना पड़ा। JE की गिरफ्तारी की खबर फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और उन्होंने ACB टीम से पहचान पत्र (आईकार्ड) दिखाने की मांग की। इस दौरान कुछ ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी उत्पन्न हो गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ACB के जवानों ने संयम बरतते हुए विरोध को शांत कराया और आरोपी JE को सुरक्षित अपने कब्जे में लेकर धनबाद ले गए। वहां आगे की पूछताछ और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में इस तरह की घूसखोरी से आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ACB की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और शिकायत मिलने पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


