Betiya News:-बेतिया में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बेतिया सीजेएम कोर्ट में एसडीपीओ विवेक दीप मौर्य, टाउन व मुफस्सिल थानाध्यक्ष सहित करीब 200 पुलिसकर्मियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा पावर हाउस रोड निवासी रवि कुमार ने मंगलवार को दाखिल किया है।
आरोप: रात में घर में जबरन घुसी पुलिस, गहनों की चोरी
रवि कुमार ने कोर्ट में दिए गए अपने आवेदन में बताया कि 1 जनवरी 2025 की रात करीब 1:15 बजे पुलिस बिना किसी न्यायिक आदेश के उनके घर में दरवाजा तोड़कर जबरन घुस गई। उस समय उनकी पत्नी घर पर अकेली थीं, जिन्हें गालियां दी गईं और डराने के लिए बंदूक भी दिखाई गई।
आभूषण और हथियार की जब्ती बिना सूची के
रवि कुमार के अनुसार, बेड पर रखे तकिए के नीचे से पुलिस ने सोने की चेन, हीरे की अंगूठी, सोने की बाली और अंगूठी निकाल ली, लेकिन इसकी कोई जब्ती सूची नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घर के लॉकर को तोड़कर उनकी लाइसेंसी पिस्टल और कारतूस जबरन ले लिए गए।
स्कूल पहुंचकर शिक्षकों से मारपीट का भी आरोप
परिवाद में यह भी कहा गया है कि पुलिसकर्मी रवि कुमार के विद्यालय में भी पहुंचे, जहां शिक्षकों और कर्मियों के साथ मारपीट की गई। आवेदक ने इस पूरे मामले को पुलिसिया ज्यादती बताते हुए कानून के दायरे से बाहर जाकर की गई कार्रवाई कहा है।
कोर्ट में दाखिल हुआ परिवाद
इस मामले में बेतिया के सीजेएम कोर्ट में भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराओं के तहत परिवाद दायर किया गया है। कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुनवाई की तारीख तय की है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई संभव है।
परिवाद में नामजद जिन अधिकारियों पर आरोप लगाए गए हैं, उनमें एसडीपीओ विवेक दीप मौर्य, बेतिया मुफस्सिल थानाध्यक्ष अभिराम सिंह, एसआई मरजीत कुमार पाठक, टाउन थानाध्यक्ष मनोज कुमार, इंस्पेक्टर ज्वाला सिंह और थानाध्यक्ष सुधा कुमारी सहित लगभग 200 पुलिसकर्मी शामिल हैं।
इस मामले पर अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है, लेकिन पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही उचित टिप्पणी की जाएगी।


