Patna News:– बिहार सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में गड़बड़ियों और खराब गुणवत्ता का खाद्यान्न आपूर्ति करने के मामले में कड़ा कदम उठाया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने शनिवार को राज्य खाद्य निगम के 6 सहायक प्रबंधकों और 6 गुणवत्ता नियंत्रकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
विभाग पूरे राज्य में “जीरो ऑफिस डे” अभियान के तहत पीडीएस दुकानों की गहन जांच कर रहा है। इस दौरान खाद्यान्न की मात्रा, गुणवत्ता और समय पर उपलब्धता की जांच की जा रही है। अब तक राज्य की कुल 53,869 पीडीएस दुकानों में से 49,209 दुकानों का निरीक्षण पूरा कर लिया गया है।
निरीक्षण में व्यापक अनियमितताएं सामने आई हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार 10,735 दुकानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, 108 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 178 दुकानों का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। वहीं 1,349 दुकानों में कम वजन देने, 1,230 दुकानों में खराब गुणवत्ता का खाद्यान्न बांटने और 4,428 दुकानों में लाभुकों को खाद्यान्न न देने की शिकायतें दर्ज की गई हैं।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के सभी लाभुकों को समय पर सही वजन और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न मिले। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीडीएस प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए यह महाअभियान चलाया जा रहा है। मंत्री ने चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी या पीडीएस दुकानदार दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
लेसी सिंह ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर ही यह अभियान शुरू किया गया है। अब तक सामने आए मामलों से साफ है कि व्यवस्था में सुधार लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार आम उपभोक्ताओं के हितों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में भी यह निरीक्षण अभियान तेज गति से जारी रहेगा और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


