Bihar News : सुपौल। बिहार में बाढ़ के मौसम की औपचारिक शुरुआत से पहले ही कोसी नदी का जलप्रवाह तेजी से बढ़ने लगा है। शनिवार को वीरपुर स्थित कोसी बराज पर नदी का डिस्चार्ज 58,765 क्यूसेक दर्ज किया गया, जो इस बाढ़ अवधि में पहली बार 50 हजार क्यूसेक के आंकड़े को पार कर गया है। नदी के बढ़ते जलदबाव को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है।
कोसी बराज कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार नेपाल के पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी में पानी की मात्रा बढ़ रही है। बढ़ते जलप्रवाह को नियंत्रित करने और पानी की सुचारु निकासी सुनिश्चित करने के लिए बराज के कुल 56 फाटकों में से सात फाटक खोल दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
नेपाल के बराहक्षेत्र में भी कोसी नदी का जलप्रवाह बढ़कर करीब 43 हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नेपाल और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो आने वाले दिनों में कोसी का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में निचले इलाकों और तटबंधों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता होगी।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा रही है। तटबंधों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है। किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
कोसी नदी के बढ़ते जलप्रवाह ने सीमावर्ती जिलों के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोग लगातार नदी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले वर्षों में कोसी नदी की बाढ़ से हुए नुकसान को देखते हुए स्थानीय लोग प्रशासनिक गतिविधियों पर भी ध्यान दे रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल सरकारी एवं आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति सामान्य है, लेकिन लगातार निगरानी रखी जा रही है। विशेषज्ञों ने भी इसे बाढ़ मौसम की शुरुआती चेतावनी बताते हुए लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है।


