Jharkhand News: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में सरकार ने नई पहल की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की योजना है। इसके तहत AI असिस्टेंट और AI फैमिली डॉक्टर विकसित किए जाएंगे। AI फैमिली डॉक्टर को शुरुआती चरण में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करने की तैयारी है।
इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को बैठक हुई। बैठक में दोनों प्रस्तावित प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली और उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई। अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दोनों परियोजनाओं का विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य कर्मियों का डिजिटल सहायक बनेगा AI
प्रस्तावित AI असिस्टेंट स्वास्थ्य कर्मियों के डिजिटल सहायक के तौर पर काम करेगा। इसके माध्यम से स्वास्थ्य कर्मियों को उनके कार्य, समय, स्थान, संबंधित लोगों और जरूरी संसाधनों से जुड़ी जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जा सकेगी। साथ ही महत्वपूर्ण कार्यों के लिए रिमाइंडर और अलर्ट भी दिए जाएंगे।
उदाहरण के तौर पर किसी सहिया को टीकाकरण अभियान की तारीख और स्थान की जानकारी देने के साथ यह भी बताया जा सकेगा कि संबंधित क्षेत्र में कितने बच्चों का टीकाकरण होना है और इसके लिए किन तैयारियों की जरूरत होगी। इससे स्वास्थ्य कर्मियों के काम को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाने में मदद मिलेगी।
मरीजों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सहायक होगा AI फैमिली डॉक्टर
वहीं, AI फैमिली डॉक्टर आम लोगों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में काम करेगा। मरीज अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्या इसमें दर्ज कर सकेंगे। इसके आधार पर सिस्टम संभावित बीमारी और आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
हालांकि, बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि AI द्वारा सुझाई गई किसी दवा को तब तक चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाएगा, जब तक पंजीकृत चिकित्सक उसकी मंजूरी नहीं देते। यानी AI की भूमिका डॉक्टर का विकल्प बनने के बजाय स्वास्थ्य संबंधी प्रारंभिक सहायता और मार्गदर्शन तक सीमित रहेगी। सरकार की योजना AI फैमिली डॉक्टर को पहले पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने की है। इसके परिणाम, उपयोगिता और प्रभाव का आकलन करने के बाद इसे पूरे राज्य में लागू करने पर निर्णय लिया जाएगा। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे।


