Araria News: जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र स्थित रेड लाइट एरिया में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए देह व्यापार के एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया है। शनिवार को की गई इस छापेमारी में कुल 36 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें से छह नाबालिग और एक बालिग युवती को इस अवैध धंधे से मुक्त कराया गया। वहीं इस मामले में संलिप्त पाए गए 29 आरोपियों—16 महिलाओं और 13 पुरुषों—को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फारबिसगंज थाना परिसर में आयोजित प्रेस वार्ता में एसडीपीओ मुकेश कुमार साहा ने बताया कि यह कार्रवाई पटना की संस्था “बाल मित्र” द्वारा दी गई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। छापेमारी टीम ने रेफरल रोड स्थित रामपुर उत्तर वार्ड संख्या तीन में यातायात डीएसपी के नेतृत्व में यह ऑपरेशन चलाया। भारी संख्या में पुलिस बल के साथ की गई इस कार्रवाई में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए।
मुक्त कराई गई लड़कियों में कई अन्य राज्यों की रहने वाली हैं
पुलिस के अनुसार, मुक्त कराई गई लड़कियों में कई अन्य राज्यों की रहने वाली हैं, जिन्हें बहला-फुसलाकर या मानव तस्करी के जरिए यहां लाया गया था। इन युवतियों को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन देह व्यापार में धकेला जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से 48 हजार रुपये नकद, चांदी के जेवरात, 12 मोबाइल फोन और बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई।
इस मामले में फारबिसगंज थाना में कांड संख्या 190/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं—111, 98, 99, 70(1), 115(2), 143 और 3(5)—में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों में सनाउल अंसारी, मो. अब्बास, मोहर्रम खलीफा, मो. मौसम, मो. अहमद आलम, मो. असलम, अब्दुल गफ्फार, शाहनवाज आलम, मो. जमशेर, मो. जसीम, मो. नबीउल्लाह और मो. मोफिल समेत अन्य को जेल भेज दिया है।
अंतर्राज्यीय सेक्स रैकेट है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं।
एसडीपीओ ने बताया कि यह एक अंतर्राज्यीय सेक्स रैकेट है, जिसकी जड़ें कई राज्यों तक फैली हुई हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। वहीं रेस्क्यू की गई युवतियों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सुपुर्द कर दिया गया है, जहां उन्हें संरक्षण और पुनर्वास की प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस छापेमारी दल में ट्रैफिक डीएसपी फखरे आलम, साइबर डीएसपी रजिया सुल्ताना सहित कई पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।


