Jharkhand News: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के घाटशिला थाना क्षेत्र अंतर्गत पुराना बनकाटी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। यहां 61 वर्षीय पीडीएस डीलर मृणाल कुमार रजक ने फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। उनका शव गांव के पास स्थित धाड़मोरा तालाब के समीप एक पेड़ से लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई।
परिजनों के मुताबिक, मृणाल रजक बुधवार सुबह करीब सात बजे घर से निकले थे, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। इससे चिंतित होकर परिवार के लोगों ने उनकी खोजबीन शुरू की। तलाश के दौरान उनका शव नाला किनारे एक पेड़ से फंदे के सहारे लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए घाटशिला अनुमंडल अस्पताल भेज दिया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के पास स्थित पीडीएस दुकान से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस नोट में मृणाल रजक ने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया है। उन्होंने लिखा कि पिछले करीब नौ महीनों से उन्हें कमीशन का भुगतान नहीं मिला था, जिसके कारण वे गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहे थे। परिवार का खर्च चलाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया था।
इसके अलावा, उनका पैसा सहारा इंडिया में भी फंसा हुआ था, जिससे वे मानसिक रूप से काफी तनाव में थे। परिजनों के अनुसार, उनका लगभग चार से पांच लाख रुपये कमीशन बकाया था। इस भुगतान के लिए उन्होंने कई बार संबंधित विभाग से गुहार लगाई, लेकिन उन्हें कोई राहत नहीं मिली।
मृतक के बेटों शिवनाथ रजक और आलोक रजक ने बताया कि उनके पिता मंगलवार को भी इस मुद्दे को लेकर जमशेदपुर में आयोजित एक बैठक में शामिल हुए थे। लगातार जांच, सख्त नियमों और आर्थिक दबाव के कारण वे काफी तनाव में रहने लगे थे।
ग्रामीणों ने बताया कि मृणाल रजक सहारा इंडिया के एजेंट भी थे और वहां उनकी करीब डेढ़ करोड़ रुपये की मैच्योरिटी राशि फंसी हुई थी। वे अपने सरल स्वभाव और ईमानदारी के लिए गांव में जाने जाते थे। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह घटना एक बार फिर आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के गंभीर प्रभावों को उजागर करती है।


