Hazaribag News:– झारखंड पुलिस को नक्सल विरोधी अभियान में एक बड़ी सफलता मिली है। हजारीबाग जिले के गीरहोर थाना क्षेत्र के पनतीतरी जंगल (बोकारो और गिरिडीह की सीमा से सटा इलाका) में रविवार सुबह सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली सहदेव सोरेन उर्फ प्रवेश मारा गया। इस मुठभेड़ में उसके साथ 25 लाख का इनामी रघुनाथ हेंब्रम उर्फ चंचल और 10 लाख का इनामी जोनल कमांडर बिरसेन गंझू भी ढेर हो गया।
झारखंड पुलिस के आईजी (अभियान) माइकल राज एस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मुठभेड़ सुबह लगभग छह बजे शुरू हुई और कई घंटों तक चली। पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन, गिरिडीह और हजारीबाग पुलिस की संयुक्त टीम इस अभियान में शामिल थी। मुठभेड़ स्थल से तीन एके-47 राइफल, भारी मात्रा में कारतूस और नक्सली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सहदेव सोरेन नक्सली संगठन की सेंट्रल कमेटी का सदस्य था और झारखंड-बिहार सीमा पर लंबे समय से सक्रिय था। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था और वह कई बड़े नक्सली हमलों और पुलिस हत्याओं का मास्टरमाइंड माना जाता था। वहीं, रघुनाथ हेंब्रम और बिरसेन गंझू भी झारखंड पुलिस की वांछित सूची में शामिल थे और कई जिलों में हिंसक घटनाओं में संलिप्त रहे।
सूत्रों के मुताबिक, नक्सली दस्ते के छिपे होने की सूचना खुफिया तंत्र के जरिए मिली थी। इसके बाद पुलिस और कोबरा की टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में बलों ने मोर्चा संभाला। मुठभेड़ के बाद इलाके में कंबिंग ऑपरेशन जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई और नक्सली छिपा न हो।
इस सफलता को झारखंड पुलिस ने नक्सल विरोधी मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि बताया है। सुरक्षा एजेंसियां मान रही हैं कि सहदेव सोरेन के मारे जाने से झारखंड-बिहार सीमा पर नक्सलियों की गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा और उनकी संगठनात्मक संरचना कमजोर होगी।


