Bihar News: सीवान जिले के महादेवा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें रघुनाथपुर के राजद विधायक ओसामा शहाब सहित कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले ने इलाके में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र के धर्म परसा निवासी डॉ. विनय कुमार सिंह की पत्नी डॉ. सुधा सिंह ने आरोप लगाया है कि उनकी खरीदी गई जमीन पर जबरन कब्जा करने और निर्माण कार्य रुकवाने की कोशिश की गई। उन्होंने विधायक ओसामा शहाब, फरहान, शबीर समेत 30-35 नामजद और अज्ञात लोगों पर मारपीट, लूटपाट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
शिकायत में डॉ. सुधा सिंह ने बताया कि उन्होंने 7 सितंबर 2024 को अपने पति के साथ मिलकर झूनापुर इलाके में लगभग 11.904 डिसमिल जमीन खरीदी थी। यह जमीन निर्माणाधीन राम-जानकी राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित है और इसकी जमाबंदी भी उनके नाम से दर्ज हो चुकी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि करीब तीन महीने पहले विधायक ओसामा शहाब का फोन आया था, जिसमें उन्होंने इस जमीन पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रोकने और दस्तावेज दिखाने को कहा। पीड़िता के अनुसार, उन्होंने सभी कागजात विधायक को सौंप दिए थे, जिसके बाद उन्हें आश्वासन मिला कि यदि दस्तावेज सही पाए गए तो निर्माण में कोई बाधा नहीं होगी।
हालांकि, लंबे समय तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद जब उन्होंने दोबारा निर्माण कार्य शुरू कराया, तो 14 अप्रैल 2026 को अचानक फिर फोन कर काम रोकने का दबाव बनाया गया। इसी दौरान कथित तौर पर 30-35 लोग हथियारों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे और मजदूरों के साथ मारपीट की। आरोप है कि मौके पर मौजूद लोगों ने मोबाइल फोन छीन लिए, सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और मशीनरी पर कब्जा कर लिया।
पीड़िता ने यह भी दावा किया कि फरहान और शबीर पहले भी निर्माण कार्य रुकवाने आए थे और उनके लोग उन्हें पहचानते हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण प्रमंडल के डीआईजी निलेश कुमार खुद जांच के लिए सीवान पहुंचे हैं। महादेवा थाना प्रभारी विनीत विनायक ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है।
पीड़िता ने प्रशासन से सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है और सभी की नजरें पुलिस जांच पर टिकी हैं।


