Jamshedpur News: सोनारी थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव स्थित बिंदल मॉल के उडीपी रेस्टोरेंट में गत 26 सितंबर को हुई गोलीबारी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने घटना के कथित दो मुख्य शूटरों को दिल्ली से गिरफ्तार करने के बाद बुधवार तड़के हथियार बरामदगी के दौरान हुई मुठभेड़ में घायल कर दिया। दोनों आरोपितों की पहचान मोहन यादव और अजीत मंडल के रूप में हुई है। दोनों को इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपितों को सुबह करीब 3:30 बजे सोनारी स्थित फागु बाबा श्मशान घाट के पास ले जाया गया था। आरोपितों ने पूछताछ में उस स्थान की जानकारी दी थी, जहां गोलीकांड में इस्तेमाल पिस्टल छिपाने की बात सामने आई थी। हथियार बरामदगी की कार्रवाई के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर छिपाई गई पिस्टल उठा ली और पुलिस टीम पर फायरिंग कर भागने का प्रयास किया।

पुलिस का दावा है कि आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई, जिसमें दोनों आरोपितों के पैर में गोली लगी। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्टल बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान दोनों तरफ से तीन-तीन राउंड फायरिंग हुई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब, सिटी एसपी ललित मीणा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, मोहन यादव और अजीत मंडल पर बिंदल मॉल के उडीपी रेस्टोरेंट में चार लोगों पर गोली चलाने का आरोप है। 26 सितंबर को बाइक से तीन अपराधी रेस्टोरेंट पहुंचे थे। इनमें से दो अंदर गए और फायरिंग की, जिसमें चार लोग घायल हो गए थे। पूरी वारदात रेस्टोरेंट में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपितों की पहचान की और दोनों को दिल्ली से गिरफ्तार कर जमशेदपुर लाया। अब पुलिस बरामद दोनों पिस्टलों की फॉरेंसिक और बैलिस्टिक जांच कराएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि बिंदल मॉल गोलीकांड में इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल हुआ था या नहीं। मामले में पुलिस अन्य आरोपितों और गोलीकांड के पीछे की वजह की भी जांच कर रही है।


