Bihar Flood News: बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा और सुपौल जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इन सात जिलों में करीब पौने तीन लाख लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। लगातार बढ़ते जलस्तर और कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने से प्रभावित इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
बाढ़ प्रभावित परिवारों तक भोजन, स्वच्छ पेयजल, दवाएं और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिन इलाकों में पानी भरने के कारण सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहां हवाई माध्यम से राहत सामग्री मुहैया कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रभावित लोगों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने के लिए वायुसेना से सहयोग मांगा है।

प्रभावित क्षेत्रों का किया गया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री ने हाल में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था। इसके बाद संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गई। बैठक में राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन को निचले और जलमग्न क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल बचाव अभियान शुरू करने के लिए राहत दलों और अधिकारियों को तैयार रखा जा रहा है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना प्रशासन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
राहत शिविरों में भोजन और जरूरी सुविधाओं पर जोर
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए राहत शिविरों में भोजन, पेयजल और दवाओं समेत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सामुदायिक रसोई के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर राहत कार्यों को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।
जिन क्षेत्रों में सड़क मार्ग पूरी तरह या आंशिक रूप से बंद है, वहां वैकल्पिक माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचाने की योजना बनाई गई है। जरूरत पड़ने पर हवाई राहत अभियान का दायरा भी बढ़ाया जा सकता है।
प्रशासन की टीमें सातों जिलों में जलस्तर, सड़क संपर्क और प्रभावित आबादी की स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं। अधिकारियों को किसी भी तरह की आपात स्थिति की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों तक समय पर भोजन, स्वच्छ पानी, दवाएं और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने पर है।
एनडीआरफ के अतिरिक्त एसडीआरफ की 10 अन्य मोटर बोट तैनात
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाए जा रहे हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए एनडीआरफ के अतिरिक्त एसडीआरफ की 19 अन्य मोटर बोट तैनात की गई हैं। इन नावों के जरिए जलजमाव में फंसे ग्रामीणों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
बाढ़ का पानी नए क्षेत्रों में प्रवेश करने के मद्देनजर राहत एवं बचाव कार्यों को और गति प्रदान करने के लिए अतिरिक्त एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमें सारण भेजी जा रही हैं। सारण में पूर्व से एनडीआरएफ की 5 तथा एसडीआरएफ की 3 टीम तैनात है। राहत एवं बचाव कार्यों को और सुदृढ़ करने के लिए बेतिया से एनडीआरएफ की 03 टीम, गोपालगंज से 02 टीम, भागलपुर से 02 टीम तथा सुपौल से 01 अतिरिक्त टीम सारण भेजी जा रही है। इसके अतिरिक्त मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर एवं पूर्वी चंपारण से एसडीआरएफ की 04 टीमें सारण भेजी जा रही हैं।
इस प्रकार सारण जिले में एनडीआरएफ की कुल 12 टीम तथा एसडीआरएफ की कुल 07 टीम, अर्थात कुल 19 टीम, व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।
पर्याप्त संसाधनों के साथ राहत एवं बचाव कार्य
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसारएनडीआरएफ की प्रत्येक टीम में 30 प्रशिक्षित मानवबल के साथ 05 बोट, 30 लाइफबॉय, 40 लाइफ जैकेट, 02 डीप डाइव सेट तथा राहत एवं बचाव कार्य से संबंधित अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। इन संसाधनों के माध्यम से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने तथा आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा सारण में राहत एवं बचाव कार्य में लगी एनडीआरएफ की 12 टीमों में कुल 360 प्रशिक्षित मानवबल तैनात हैं।
इन टीमों के पास 50 से अधिक नाव, 480 लाइफ जैकेट तथा 360 लाइफबॉय उपलब्ध हैं।एसडीआरएफ की तैनात की जा रही टीमों में भी पर्याप्त मानवबल एवं बोट उपलब्ध हैं। आज भेजे जा रहे दरभंगा एसडीआरएफ टीम में 20 मानवबल एवं 04 बोट, मधुबनी टीम में 20 मानवबल एवं 06 बोट, समस्तीपुर टीम में 19 मानवबल एवं 06 बोट तथा पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) की टीम में 18 मानवबल एवं 06 बोट शामिल हैं। इस प्रकार, एसडीआरएफ की टीमों के कुल 140 से अधिक प्रशिक्षित मानवबल तथा 36 से अधिक बोट राहत एवं बचाव कार्य में तैनात हैं।
एयर ड्रॉप के माध्यम से भी पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर के माध्यम से अब तक 3,000 से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जा चुके हैं। शाम तक 5000 से अधिक राशन पैकेट एयर ड्रॉप किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त अन्य जिलों से भी सारण के लिए बड़ी मात्रा में राशन पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पटना से 10,000, सिवान से 15,000, भोजपुर से 5,000, बक्सर से 5,000 तथा वैशाली से 5,000 राशन पैकेट उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस प्रकार विभिन्न जिलों से कुल 40,000 राशन पैकेट सारण भेजे जा रहे हैं।
इस खबर को भी पढ़ें :जंतर-मंतर पर सीईसी के खिलाफ प्रदर्शन, सौरभ भारद्वाज सहित 500 से ज्यादा हिरासत में



