Patna News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार शाम हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में 17 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में गयाजी के विकास, स्वास्थ्य, कृषि, खनन, पर्यटन, विमानन और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सबसे बड़ा फैसला गयाजी के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने को लेकर रहा। इसके लिए 2520 करोड़ रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
इसके साथ ही सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996 करोड़ 5 लाख रुपए मंजूर किए गए। दोनों योजनाओं के लिए कुल 3516 करोड़ 5 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है। विष्णुपद क्षेत्र के विकास से गयाजी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है।
ईंट-भट्ठा कारोबारियों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने ईंट-भट्ठा संचालकों के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 तक खान एवं भूतत्व विभाग का बकाया रखने वाले संचालकों को ब्याज की राशि में राहत देते हुए केवल मूल बकाया जमा करने का अवसर मिलेगा। मूल राशि जमा होने के बाद संबंधित नीलाम पत्र पदाधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर नीलाम पत्रवाद का निस्तारण किया जाएगा। योजना की अवधि तीन महीने रहेगी।
मेडिकल कॉलेजों में 366 पदों पर संविदा नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग के अधीन पांच राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के रिक्त 366 पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन को मंजूरी दी गई है। इसमें बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा-सारण और समस्तीपुर के मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
मखाना और बागवानी पर जोर
मखाना विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 89.79 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। वहीं एकीकृत बागवानी विकास मिशन के विभिन्न कार्यक्रमों के लिए 2026-27 से 2027-28 तक 78.34 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के तहत 2.10 करोड़ रुपए की स्वीकृति भी मिली।
जेलों के पास खुलेंगे पेट्रोल पंप
राज्य की जेलों के आसपास उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल कर पेट्रोल पंप खोलने की योजना को भी मंजूरी दी गई। पूर्णिया और मुजफ्फरपुर जेल में इंडियन ऑयल तथा बक्सर और भागलपुर जेल में हिंदुस्तान पेट्रोलियम के आउटलेट संचालित होंगे।
इसके अलावा बिहार आकस्मिकता निधि से 1000 करोड़ रुपए निकालने की मंजूरी दी गई। राशि का इस्तेमाल बाढ़ सुरक्षा, प्रगति यात्रा से जुड़े कार्यों, जल-जीवन-हरियाली अभियान सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में किया जाएगा। राज्य में हवाई संपर्क मजबूत करने के लिए विभिन्न एयरपोर्ट के विकास और जिलों में हेलीपोर्ट बनाने की योजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी।


