Jharkhand News : जमशेदपुर। झारखंड के जमशेदपुर से बैंकिंग और निवेश से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। गोलमुरी थाना क्षेत्र के सिंधु रोड निवासी बदल कुमार कुंडू ने बैंक ऑफ बड़ौदा की गोलमुरी शाखा के शाखा प्रबंधक और अन्य बैंक कर्मचारियों पर म्यूचुअल फंड निवेश में कथित अनियमितता और गड़बड़ी का आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में करीब 40 लाख रुपये का निवेश किया, लेकिन राशि निकालने पर उन्हें केवल 8 लाख रुपये उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। मामले को लेकर उन्होंने गोलमुरी थाना में लिखित शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बदल कुमार कुंडू ने बुधवार को बैंक परिसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि वर्ष 2020 में बैंक अधिकारियों ने बेहतर रिटर्न का भरोसा दिलाकर उन्हें म्यूचुअल फंड में निवेश करने की सलाह दी थी। बैंक की विश्वसनीयता पर भरोसा करते हुए उन्होंने वर्ष 2020 से लेकर अब तक अलग-अलग चरणों में लगभग 40 लाख रुपये निवेश किए।
उन्होंने बताया कि हाल ही में मकान निर्माण के लिए धन की आवश्यकता होने पर वह अपनी निवेश राशि निकालने बैंक पहुंचे। इसी दौरान उन्हें बताया गया कि उनकी दो निवेश योजनाओं में कुल मिलाकर केवल 8 लाख रुपये ही उपलब्ध हैं। यह जानकारी मिलने के बाद वह हैरान रह गए, क्योंकि उनके अनुसार उन्होंने इससे कई गुना अधिक राशि निवेश की थी।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस संबंध में शाखा प्रबंधक से जवाब मांगा तो उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। उनका कहना है कि बैंक अधिकारियों ने अलग-अलग कारण बताकर मामले को टालने का प्रयास किया। बदल कुमार कुंडू ने बताया कि उन्होंने 19 जून 2026 को बैंक प्रबंधन को लिखित शिकायत भी सौंपी थी, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही निवेश राशि का स्पष्ट हिसाब उपलब्ध कराया गया।
अपने आवेदन में उन्होंने आरोप लगाया है कि बैंक अधिकारियों की लापरवाही या संभावित मिलीभगत के कारण उनकी मेहनत की कमाई खतरे में पड़ गई है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और उनकी निवेश की पूरी राशि वापस दिलाने की मांग की है।
इस मामले में गोलमुरी थाना प्रभारी संजय सुमन ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो गई है और सभी तथ्यों की जांच की जाएगी। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, समाचार लिखे जाने तक बैंक ऑफ बड़ौदा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि निवेश राशि में कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।


