Jharkhand News : रांची। झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी इलाके में वाहन जांच के दौरान पुलिसकर्मी को टक्कर मारकर गंभीर रूप से घायल करने वाले थार चालक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान बरियातू निवासी विश्राम उरांव के रूप में हुई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई महिंद्रा थार को भी जब्त कर लिया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
नगर पुलिस उपाधीक्षक (सिटी डीएसपी) केवी रमण ने बुधवार को बताया कि यह घटना 14 जुलाई की सुबह करीब 11:30 बजे मोरहाबादी स्थित प्राइम पार्क के पास हुई थी। उस समय पुलिस की पेट्रोलिंग टीम नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक संदिग्ध काले रंग की महिंद्रा थार पर पड़ी। जांच के दौरान पाया गया कि वाहन के शीशों पर ब्लैक फिल्म लगी हुई थी, आगे का विंडशील्ड टूटा हुआ था और पीछे का नंबर प्लेट भी मिट्टी से ढका हुआ था।
पुलिस ने वाहन चालक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से भागने का प्रयास किया। इसी दौरान उसने लापरवाही से वाहन चलाते हुए पुलिस पेट्रोलिंग वाहन के चालक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से पुलिसकर्मी सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया।
घटना के तुरंत बाद घायल पुलिसकर्मी को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसके सिर में गंभीर चोट आई थी, जिसके कारण पांच टांके लगाने पड़े। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है और अस्पताल में उपचार जारी है।
घटना के बाद रांची पुलिस ने फरार वाहन की तलाश के लिए तकनीकी साक्ष्यों और वाहन नंबर के आधार पर जांच शुरू की। वाहन की पहचान होने के बाद विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की गई। अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपी विश्राम उरांव को गिरफ्तार कर लिया और घटना में प्रयुक्त महिंद्रा थार को भी जब्त कर लिया।
सिटी डीएसपी केवी रमण ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। साथ ही पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वाहन पर ब्लैक फिल्म लगाने, नंबर प्लेट को मिट्टी से ढकने और अन्य नियमों के उल्लंघन के पीछे क्या उद्देश्य था। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
रांची पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वाहन जांच के दौरान पुलिस के निर्देशों का पालन करें और जांच में पूरा सहयोग दें। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाए जाते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच से बचने के लिए वाहन भगाने या पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


