Jharkhand News: झारखंड में विवादित प्रतियोगी परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार परीक्षा रद्द करने के फैसले के जरिए छात्रों को दिग्भ्रमित कर रही है। मरांडी ने कहा कि छात्रों की मुख्य मांग शुरू से पूरे मामले की सीबीआई जांच रही है और केवल परीक्षाएं रद्द करने से उन्हें न्याय नहीं मिलेगा।
मरांडी मंगलवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार ने कैबिनेट में परीक्षाएं रद्द करने का फैसला तो ले लिया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया कि कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कौन करेगा।
परीक्षा रद्द करना समाधान नहीं : बाबूलाल
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार जिस तरीके से परीक्षाओं को रद्द कर रही है, उससे छात्रों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच की जिम्मेदारी अपनी एजेंसियों के माध्यम से ही रखना चाहती है, जबकि छात्रों की मांग सीबीआई जांच की है।
उन्होंने कहा कि यदि मामले की जांच स्वतंत्र एजेंसी से नहीं कराई गई तो आगे कानूनी पेचिदगियां पैदा हो सकती हैं। सरकार के फैसले के खिलाफ प्रभावित अभ्यर्थी अदालत का रुख कर सकते हैं और वहां जांच एवं साक्ष्यों को लेकर सवाल उठेंगे। ऐसे में पूरी प्रक्रिया फिर उलझ सकती है।
जेपीएससी-जेएसएससी में गड़बड़ी का लगाया आरोप
मरांडी ने आरोप लगाया कि झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में लंबे समय से अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। उन्होंने कहा कि कथित पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और नौकरी के नाम पर पैसे के लेन-देन जैसे आरोपों की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जेएसएससी के चेयरपर्सन के खिलाफ अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। साथ ही उन्होंने उन अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की, जिन पर पहले की जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया जा रहा है।
सीबीआई जांच तक आंदोलन जारी रखने की अपील
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार को सभी संबंधित मामलों की जांच तत्काल सीबीआई को सौंप देनी चाहिए। उनके मुताबिक स्वतंत्र जांच होने पर कथित गड़बड़ी में शामिल लोगों और नौकरी हासिल करने के लिए पैसे देने वालों की भूमिका सामने आ सकती है।
मरांडी ने छात्रों से अपील की कि वे अपनी मांग को लेकर सजग रहें और सीबीआई जांच की मांग पर कायम रहें। उन्होंने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक पूरे मामले की सीबीआई जांच का आदेश नहीं होता, तब तक पार्टी इस मुद्दे को उठाती रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार को परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि छात्रों को वास्तविक न्याय मिल सके।


