सीजफायर के बावजूद लेबनान पर इजराइल का हमला जारी
Washington News: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे तनाव के बाद आखिरकार दो सप्ताह के संघर्ष विराम पर सहमति बन गई है। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा तय समयसीमा खत्म होने से ठीक पहले हुआ। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, लेकिन देर रात उन्होंने अचानक सीजफायर की घोषणा कर सभी को चौंका दिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस समझौते में पाकिस्तान की अहम भूमिका रही। Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir की मध्यस्थता से दोनों देश वार्ता के लिए तैयार हुए। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पुष्टि की कि अगले दो हफ्तों तक होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही ईरानी निगरानी में बहाल की जाएगी।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और Israel द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया गया था, जिसमें कई बड़े सैन्य अधिकारियों की मौत हुई थी। इसके बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़ा नियंत्रण कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में संकट गहरा गया।
हालांकि संघर्ष विराम लागू हो गया है, लेकिन इसे अंतिम समाधान नहीं माना जा रहा। ईरान ने साफ किया है कि इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता केवल कूटनीतिक प्रयासों का विस्तार होगी। अभी यह भी तय नहीं है कि ईरान की ओर से वार्ता में कौन शामिल होगा।
इस बीच, Benjamin Netanyahu ने स्पष्ट किया है कि यह सीजफायर लेबनान पर लागू नहीं होगा। इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के टायर शहर के पास हमले जारी रखे हैं, जिसमें कई लोगों की मौत और घायल होने की खबर है। हिजबुल्लाह से खतरे का हवाला देते हुए नागरिकों को इलाके खाली करने की चेतावनी भी दी गई है।
दूसरी ओर, खाड़ी देशों में भी तनाव बना हुआ है। बहरीन, कतर और सऊदी अरब ने ईरान की ओर से हमलों और मिसाइल इंटरसेप्शन की घटनाओं की पुष्टि की है।
व्हाइट हाउस ने इस समझौते को अमेरिका की बड़ी जीत बताया है, जबकि ईरान इसे अपनी शर्तों पर मिली सफलता बता रहा है। Donald Trump ने कहा कि आगे की स्थिति अगले 15 दिनों की बातचीत पर निर्भर करेगी और यह देखना होगा कि क्या इजराइल भी इस प्रक्रिया में शामिल होता है। उल्लेखनीय है कि ट्रंप ने संघर्ष विराम समझौते की मध्यस्थता में मदद के लिए पाकिस्तान और चीन का आभार जताया है।
ईरान का 10 सूत्री प्रस्ताव-
1- अमेरिका को सैद्धांतिक रूप से आक्रमण न करने की गारंटी देने के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।
2- होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का निरंतर नियंत्रण बना रहे।
3- ईरान के यूरेनियम संवर्धन के अधिकार को स्वीकार किया जाना चाहिए।
4- सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को हटाया जाए।
5- सभी द्वितीयक प्रतिबंधों को हटाया जाए।
6- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को समाप्त किया जाए।
7- अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सभी प्रस्तावों को समाप्त किया जाए।
8- ईरान को पहुंचाए गए नुकसान के लिए मुआवजे का भुगतान किया जाए।
9- इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी हो।
10- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति हो।


