Muzaffarpur/Saran News: गंडक नदी में आई बाढ़ के बाद मुजफ्फरपुर और सारण जिले में हालात गंभीर हो गए हैं। बाढ़ के पानी के तेज बहाव और सड़क पर जलजमाव को देखते हुए प्रशासन ने मुजफ्फरपुर-छपरा मुख्य मार्ग NH-102 पर यातायात रोक दिया है। मुजफ्फरपुर जिले के सरैया थाना क्षेत्र स्थित अम्बारा चौक के पास पुलिस ने बैरिकेडिंग कर मार्ग को पूरी तरह बंद कर दिया है।
प्रशासन के अनुसार, रेवा घाट से कुछ दूरी पर सारण जिले के मेकर क्षेत्र में मुख्य सड़क पर करीब तीन से चार फीट पानी बह रहा है। कई स्थानों पर पानी की गहराई पांच फीट तक पहुंच गई है। सड़क पर तेज बहाव के कारण इस मार्ग से वाहनों का परिचालन जोखिम भरा हो गया है। इसे देखते हुए पुलिस ने अम्बारा चौक पर ही वाहनों को रोकना शुरू कर दिया है।

स्थानीय जनप्रतिनिधि गणिनाथ सहनी ने बताया कि छपरा की ओर जाने वाली सड़क पर चार से पांच फीट पानी जमा है। ऐसे में लंबी दूरी की बसों और ट्रकों के लिए मार्ग पूरी तरह असुरक्षित हो गया है। प्रशासन के निर्देश पर बड़े वाहनों का परिचालन रोक दिया गया है। हालांकि, आसपास के गांवों के लोगों की जरूरत को देखते हुए छोटी गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को स्थिति का आकलन करते हुए सावधानी के साथ आगे जाने दिया जा रहा है।
अम्बारा चौक पर पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे बैरिकेडिंग स्थल पर मौजूद रहकर यातायात को नियंत्रित कर रहे हैं। लोगों को पानी के तेज बहाव वाले हिस्से में जाने से रोकने के लिए भी निगरानी की जा रही है।
सरैया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अभिजीत कौर ने बताया कि सारण जिले में गंडक नदी का सुरक्षात्मक बांध टूटने के कारण बाढ़ का पानी मुख्य सड़क तक पहुंच गया है। सड़क पर पानी का बहाव काफी तेज है और मौजूदा परिस्थितियों में यहां से आवागमन सुरक्षित नहीं है।
उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बैरिकेडिंग कर यातायात को नियंत्रित और डायवर्ट किया गया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है और जलस्तर तथा सड़क की स्थिति में सुधार के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।
बाढ़ के कारण मुजफ्फरपुर और सारण के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुख्य सड़क बंद होने से दोनों जिलों के बीच आवागमन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों से बाढ़ प्रभावित मार्गों पर अनावश्यक यात्रा नहीं करने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।


