छात्रा से शर्मनाक हरकत के मामले में 7 पर केस, 3 पहले गिरफ्तार,मड़वा पहाड़ी पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
Jamui News: बिहार के जमुई जिले में छात्रा के साथ छेड़खानी और कथित तौर पर शर्मनाक हरकत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस के अनुसार, मामले का मुख्य आरोपी नंदन यादव मुठभेड़ के दौरान घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगी है। जबकि दूसरे आरोपित हरेराम यादव का पैर भागने के दौरान टूट गया। दोनों को जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में अब तक छह आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के मुताबिक, छात्रा के साथ हुई घटना के बाद मामले में कुल सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी शुरू की। अब तक इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी नंदन यादव की तलाश की जा रही थी।
मड़वा पहाड़ी पर पुलिस ने की घेराबंदी
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि नंदन यादव जमुई इलाके में ही छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने उसकी तलाश शुरू की और मड़वा पहाड़ी पहुंची। पुलिस का कहना है कि टीम ने इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी।
पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान नंदन यादव ने मौके से भागने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस की ओर से कार्रवाई की गई, जिसमें गोली आरोपी के पैर में लगी। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे मौके से पकड़ लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
नंदन यादव और हरेराम यादव दोनों बालिग हैं। दोनों प्रतापपुर गांव के रहने वाले हैं और पेशे से ट्रैक्टर चालक हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान नंदन ने पुलिस टीम पर हमला किया था। इसके बाद हुई कार्रवाई में वह घायल हुआ।
घटना की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर मामले की जांच अपराध जांच विभाग (सीआईडी) ने अपने हाथ में ले ली है। सीआईडी की विशेष टीम जमुई पहुंच चुकी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस अब घटना के दौरान मौजूद लोगों, आरोपितों की भूमिका और अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।
पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
इधर, नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने और घटना से संबंधित वीडियो व अन्य सामग्री सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, साइबर थाने में कांड संख्या 45/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले 120 सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है।
एडीजी केएस अनुपम ने बताया कि संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट्स को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वीडियो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को टेक-डाउन नोटिस भी जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नाबालिग पीड़िता की पहचान या चेहरा उजागर करने वाली सामग्री का प्रसार कानून के तहत कार्रवाई के दायरे में आता है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से संबंधित वीडियो या अन्य सामग्री को सोशल मीडिया पर साझा अथवा रीपोस्ट न करें। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना कानूनी रूप से आवश्यक है।
छात्रा से जुड़ा मामला होने के कारण पुलिस पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिकी में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
एडीजी सुहिता अनुपम के अनुसार, पुलिस टीम आरोपी नंदन यादव को गिरफ्तार करने पहुंची थी। इसी दौरान उसने पुलिस पर हमला किया और भागने की कोशिश की। पुलिस ने उसे रोकने के लिए कार्रवाई की, जिसमें गोली आरोपी के पैर में लगी।
उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर की शाम करीब सात बजे मड़वा पहाड़ के पास कुछ युवकों ने स्कूटी से जा रहे नाबालिग छात्र और छात्रा को जबरन रोक लिया था। आरोपितों ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार और मारपीट की तथा घटना का वीडियो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित कर दिया था।


