Jharkhand News: विधायक जयराम महतो के द्वारा धनबाद के बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार के साथ कथित फोन पर गाली-गलौज और धमकी देने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। झारखंड पुलिस एसोसिएशन ने डुमरी विधायक जयराम महतो समेत अन्य आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन को पांच दिन का अल्टीमेटम दिया है। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यभर के पुलिस पदाधिकारी और पुलिसकर्मी आंदोलन करेंगे।
पुलिस एसोसिएशन की धनबाद शाखा ने घटना के विरोध में काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करने और ड्यूटी पर नहीं लौटने जैसे कदम उठाने के लिए केंद्रीय संगठन से अनुमति मांगी है। केंद्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू के मुताबिक 25 अगस्त को धनबाद शाखा से पत्र मिलने के बाद पूरे मामले की जानकारी केंद्रीय संगठन को मिली।
एसोसिएशन के अनुसार, घटना 21 अगस्त की रात की है। आरोप है कि जयराम महतो ने बरवाअड्डा थाना प्रभारी रवि कुमार को फोन कर कथित तौर पर धमकी दी। संगठन का दावा है कि बातचीत के दौरान थाना प्रभारी को तबादला होने के बावजूद राज्य के किसी भी थाने में रहने पर नौकरी बर्बाद करने की बात कही गई।
इसके बाद देर रात विधायक अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे। एसोसिएशन ने आरोप लगाया है कि इस दौरान थाना प्रभारी की टेबल पर रखे सामान को इधर-उधर किया गया। संगठन ने इस घटना को पुलिस पदाधिकारी की गरिमा और सम्मान को प्रभावित करने वाला बताया है।
पुलिस एसोसिएशन के मुताबिक, मामले में बरवाअड्डा थाना में 22 अगस्त को कांड संख्या 146/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 221, 224, 132, 351(2), 352 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में विधायक जयराम महतो समेत करीब 10 लोगों को आरोपित बनाया गया है।
एसोसिएशन का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने आरोपितों की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि पुलिसकर्मियों के सम्मान और सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
पुलिस एसोसिएशन ने जयराम महतो की ओर से सोशल मीडिया और प्रेस के माध्यम से पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयानबाजी पर भी आपत्ति जताई है। संगठन का आरोप है कि विधायक की ओर से जारी कुछ वीडियो में पुलिसकर्मियों के प्रति आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
एसोसिएशन ने यह भी दावा किया है कि थाना प्रभारी को ऑफ ड्यूटी पीटने की बात कही गई, जिससे उनकी और अन्य पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। संगठन ने सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि यदि पांच दिनों में गिरफ्तारी नहीं हुई तो झारखंड की सभी शाखाओं के पदाधिकारी और सदस्य सामूहिक आंदोलन करेंगे।


