Siwan News: जिले के बड़हरिया थाना क्षेत्र के शिवराजपुर गांव में हुए चर्चित शहजाद अली हत्याकांड में सीवान पुलिस ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए डायल-112 पर तैनात पु.अ.नि. संजीव कुमार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, सीवान निर्धारित किया गया है। इसके अलावा डायल-112 पर ड्यूटी कर रहे गृहरक्षक नंदजी यादव और मुक्तिनाथ के अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा गया है। वहीं बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार से भी 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।वहीं मामले में शामिल चार और आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल पांच अभियुक्त सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि बड़हरिया थाना कांड संख्या 230/26 की समीक्षा के दौरान डायल-112 की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच में सामने आया कि 30 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवराजपुर गांव में ग्रामीणों ने एक कथित चोर को पकड़ रखा है। सूचना मिलने के बाद डायल-112 पर तैनात पुलिस पदाधिकारी पु.अ.नि. संजीव कुमार मौके पर पहुंचे थे, लेकिन युवक को भीड़ के कब्जे से मुक्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में लेने के बजाय उसे वहीं छोड़कर लौट गए।
पुलिस के अनुसार, इसके बाद ग्रामीणों द्वारा युवक शहजाद अली की जमकर पिटाई की गई, जिससे उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में पुलिस पदाधिकारी की ओर से कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और पुलिस दायित्वों के पालन में चूक सामने आई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल प्रभाव से पु.अ.नि. संजीव कुमार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय पुलिस केंद्र, सीवान निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा डायल-112 पर ड्यूटी कर रहे गृहरक्षक नंदजी यादव और मुक्तिनाथ के अनुबंध समाप्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा गया है। वहीं बड़हरिया थानाध्यक्ष छोटन कुमार से भी 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उधर, शहजाद अली हत्याकांड की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) लगातार कार्रवाई कर रहा है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों और मानवीय सूचना के आधार पर पहले एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। आगे की जांच में चार अन्य आरोपितों की संलिप्तता सामने आने पर उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में सात नामजद समेत अन्य अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। अब तक पांच अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि शेष फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि सभी दोषियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाकर स्पीडी ट्रायल के माध्यम से कठोर सजा सुनिश्चित कराई जाएगी।
एसपी पूरन कुमार झा ने स्पष्ट कहा कि पुलिस विभाग में कर्तव्य के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही, शिथिलता या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।


