Muzaffarpur News: जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह उस वक्त विवाद में बदल गया, जब सिंदूरदान से ठीक पहले लड़की पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया। आरोप है कि दूल्हे को बदल दिया गया था और जो लड़का मंडप में बैठा था, वह मंदबुद्धि है।
घटना वार्ड संख्या 12 की है, जहां जगदीश मुखिया के घर शुक्रवार को शादी का आयोजन था। बारात मनियारी थाना क्षेत्र के सोनबरसा गांव से कपल सहनी के पुत्र रमेश सहनी के नेतृत्व में धूमधाम से पहुंची। दरवाजा लगने के बाद जयमाला की रस्म पूरी हुई और बारातियों का स्वागत-सत्कार भी किया गया।
इसके बाद शादी की रस्में विधिवत मंडप में शुरू हुईं और एक-एक कर सभी परंपराएं निभाई जाने लगीं। लेकिन जैसे ही सिंदूरदान की बारी आई, लड़की पक्ष के लोगों ने अचानक हंगामा शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि जिस लड़के को उन्होंने पहले देखा था, वह यह दूल्हा नहीं है और उन्हें धोखा दिया गया है।
हंगामा इतना बढ़ गया कि शादी स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान कई बाराती वहां से निकल चुके थे, जबकि कुछ लोग स्थिति संभालने की कोशिश में जुटे थे। सूचना मिलने पर बिहार पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान लड़की पक्ष ने दूल्हे के भाई को कुछ समय के लिए बंधक भी बना लिया था, जिसे पुलिस ने सुरक्षित छुड़ाया। अंततः आधी-अधूरी रस्मों के बीच ही बारात बिना दुल्हन के लौट गई।
वधु पक्ष का आरोप
लड़की पक्ष का कहना है कि उन्हें जिस लड़के की जानकारी दी गई थी, शादी के समय वह मौजूद नहीं था। उनका आरोप है कि दूल्हे को बदल दिया गया और जो लड़का आया वह मानसिक रूप से कमजोर है, ऐसे में उन्होंने शादी से इनकार कर दिया।
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर दूल्हे को बदला गया था, तो जयमाला या उससे पहले विरोध क्यों नहीं हुआ? मंडप में रस्में पूरी होने तक लड़की पक्ष को यह बात क्यों नहीं समझ आई? क्या मामला सिर्फ गलतफहमी का है या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है—यह जांच का विषय बना हुआ है।
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