Bihar News: बिहार की राजधानी पटना के कारगिल चौक पर सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा द्वारा ‘महिला आरक्षण विधेयक’ के समर्थन में एक बड़ा जन आक्रोश महिला सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां कुछ राजनीतिक दल केवल परिवारवाद की राजनीति में उलझे हुए हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें राजनीतिक भागीदारी दिलाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने मंच से कड़ा संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। “अगर किसी ने महिलाओं के सम्मान पर चोट की, तो उसे पाताल से भी खोज निकाला जाएगा,” उन्होंने सख्त लहजे में कहा।
मुख्यमंत्री ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को न्याय और समान भागीदारी दिलाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि यदि यह विधेयक पहले लागू हो गया होता, तो आज बिहार विधानसभा में 122 महिला विधायक होतीं।
इस दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू यादव और द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) के नेता एम.के. स्टालिन पर भी निशाना साधा। साथ ही उन्होंने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को राज्य का अभिभावक बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में विपक्ष के रवैये के बाद जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है। उन्होंने इसे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ बताया।
कार्यक्रम में विधायक ज्योति मांझी ने गीत प्रस्तुत कर माहौल को उत्साहपूर्ण बना दिया और महिला आरक्षण के समर्थन में जनसमर्थन जुटाया। इस मौके पर पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु देवी, पूर्व मंत्री श्रेयसी सिंह, राज्यसभा सदस्य धर्मशीला गुप्ता सहित कई महिला नेता और विधायक मौजूद रहीं। सम्मेलन में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी देखने को मिली, जो भाजपा के महिला सशक्तिकरण अभियान को मजबूती देती नजर आई।


