Bihar News: मोतिहारी – जिले में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मोतिहारी पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पाकिस्तान से संचालित हो रहा था और ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए तरीके से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था।
एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर साइबर डीएसपी अभिनव पराशर और चकिया डीएसपी संतोष कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अंकित कुमार नाम का युवक कल्याणपुर क्षेत्र में एक एटीएम के पास संदिग्ध गतिविधियों में शामिल है। सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अंकित कुमार से पूछताछ के दौरान कई अहम खुलासे हुए। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अपराधियों की पहचान अंकित कुमार (खटोलवा), युवराज कुमार (फुलतकिया केसरिया), मोहम्मद साहिल (मानिकपुर गड़हिया) और चुन्नू कुमार (मझौलिया) के रूप में हुई है।
पूछताछ में सभी आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये लोग सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को फर्जी कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा देते थे और फिर उनसे मोटी रकम वसूलते थे। ठगी से प्राप्त रकम को कैश डिपॉजिट मशीन (CDM) के जरिए पाकिस्तान भेजा जाता था।
इस पूरे नेटवर्क में शामिल अपराधियों को ठगी की रकम का करीब 10 प्रतिशत कमीशन दिया जाता था। पुलिस ने इनके पास से 7 विभिन्न बैंकों के पासबुक, 10 एटीएम कार्ड, एक ब्लैंक चेक, 5 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। इसके अलावा ठगी की रकम से खरीदी गई दो R15 और एक पल्सर बाइक भी जब्त की गई है।
छापेमारी टीम में कल्याणपुर थानाध्यक्ष विनीत कुमार, पुअनि मुकेश कुमार, साइबर थाना के प्रत्यूष विक्की, शिवम कुमार, प्रियंका कुमारी और सौरव आजाद शामिल थे। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके बैंक ट्रांजैक्शन की गहन जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के साइबर अपराध से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी अनजान कॉल या संदेश पर भरोसा नहीं करना चाहिए।


